facebookmetapixel
Indigo ने DGCA को दिया भरोसा: 10 फरवरी के बाद कोई फ्लाइट कैंसिल नहीं होगी, पायलटों की कमी हुई दूरJio BlackRock AMC का इन्वेस्टर बेस 10 लाख तक: 18% नए निवेशक शामिल, 2026 का रोडमैप जारीBudget 2026: MSME सेक्टर और छोटे कारोबारी इस साल के बजट से क्या उम्मीदें लगाए बैठे हैं?PhonePe IPO को मिली SEBI की मंजूरी, कंपनी जल्द दाखिल करेगी अपडेटेड DRHPBudget 2026: क्या इस साल के बजट में निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म कर देगी?Toyota ने लॉन्च की Urban Cruiser EV, चेक करें कीमत, फीचर्स, डिजाइन, बैटरी, बुकिंग डेट और अन्य डिटेलसोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, गोल्ड पहली बार ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹3.30 लाख के करीबPSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेटबैंकिंग सेक्टर में बदल रही हवा, मोतीलाल ओसवाल की लिस्ट में ICICI, HDFC और SBI क्यों आगे?Suzlon Energy: Wind 2.0 से ग्रोथ को लगेंगे पंख! मोतीलाल ओसवाल ने कहा- रिस्क रिवार्ड रेश्यो बेहतर; 55% रिटर्न का मौका

म्यूचुअल फंड ने 2022-23 में इक्विटी में 1.82 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया

Last Updated- April 10, 2023 | 7:03 PM IST
March 31 deadline: Relief for mutual fund investors on re-KYC directive March 31 deadline: Mutual Fund निवेशकों के लिए राहत की बड़ी खबर, मगर ये काम नहीं किया तो 1 अप्रैल से रोक दी जाएगी KYC

म्यूचुअल फंड (mutual fund) ने वित्त वर्ष 2022-23 में घरेलू शेयरों में 1.82 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। इसमें खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी का प्रमुख योगदान रहा। इसके अलावा बाजार में सुधार के कारण मूल्यांकन आकर्षक होने के चलते भी म्यूचुअल फंड ने अपना निवेश बढ़ाया।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) के आंकड़ों के मुताबिक म्यूचुअल फंड ने वित्त वर्ष 2021-22 में इक्विटी में 1.81 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था।

इससे पहले 2020-21 में यह आंकड़ा 1.2 लाख करोड़ रुपये था। बजाज कैपिटल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए इक्विटी निवेश में अगली दो तिमाहियों में सुधार शुरू हो जाएगा। ऐसा अमेरिका में महंगाई कम होने और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत रुख में नरमी के चलते होगा। दीर्घकाल में विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि की आशंका है, जबकि भारत की वृद्धि संभावना अपेक्षकृत अच्छी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की अनुकूल नीतियों के साथ ही निवेश आधारित वृद्धि (पूंगीगत व्यय से बढ़ावा) और बैंकों के बेहतर नतीजों के चलते निकट भविष्य में आय बढेगी। इसके अलावा पीएलआई (उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन) नीति और ‘चीन के अलावा एक और’ अभियान से मदद मिलने का अनुमान है।

बजाज ने कहा, ”इसलिए ज्यादातर निवेशक भारत की वृद्धि संभावना पर उत्साहित हैं और उनके लिए भारतीय इक्विटी से बेहतर क्या हो सकता है।”

अरिहंत कैपिटल की श्रुति जैन ने कहा कि उचित मूल्यांकन के कारण म्यूचुअल फंड ने इक्विटी में निवेश बढ़ाया। सेबी के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में म्यूचुअल फंडों ने शुद्ध रूप से 1.82 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है।

First Published - April 10, 2023 | 7:03 PM IST

संबंधित पोस्ट