कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत निवेशकों के बीच म्युचुअल फंड (एमएफ) होल्डिंग्स में बढ़ोतरी साल 2025 में लगातार तीसरे साल 30 अग्रणी (टी-30) शहरों की वृद्धि से आगे निकलने की उम्मीद है। अक्टूबर तक 30 अग्रणी शहरों से परे (बी 30) की व्यक्तिगत फंड परिसंपत्तियों में 23 फीसदी की वृद्धि हुई थी जबकि टी-30 की परिसंपत्तियों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।
इस तेज वृद्धि ने बी30 और टी30 परिसंपत्तियों के बीच का अंतर कम कर दिया है। बिजनेस स्टैंडर्ड को मिले उद्योग के आंकड़ों के अनुसार व्यक्तिगत एयूएम में बी30 की हिस्सेदारी 2022 में 25 फीसदी थी जो बढ़कर 28 फीसदी हो गई है। व्यक्तिगत निवेशकों की परिसंपत्तियों से रुझानों की स्पष्टता जाहिर होती है क्योंकि फंडों के समग्र आंकड़े अक्सर बड़े और असमान संस्थागत निवेश के कारण सटीक तस्वीर नहीं बताते हैं।
बी30 एयूएम में हालिया बढ़ोतरी ने उद्योग की अपनी पहुंच और निवेशक आधार व्यापक बनाने के प्रयासों को सहारा दिया है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस वृद्धि के बरकरार रहने से निवेशकों के व्यवहार में संरचनात्मक बदलाव का संकेत मिलता है। विशेषज्ञ इस रुझान का कारण ज्यादा निवेश और मार्क-टु-मार्केट लाभ दोनों को देते हैं।
व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) खाते अधिकांश इक्विटी योजनाओं में निवेश को बढ़ावा देते हैं। अब ये टी30 शहरों में निवेश करने वालों के मुकाबले बी30 बाजारों में ज्यादा हैं। हालांकि बी30 के औसत खाते छोटे हैं, लेकिन खातों की विशाल संख्या ने एसआईपी निवेश में उनकी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। सितंबर 2025 में बी30 बाजारों से सक्रिय इक्विटी योजनाओं में एसआईपी निवेश 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
बी30 परिसंपत्तियों में मार्क-टु-मार्केट लाभ भी ज्यादा रहा है, जो इक्विटी के प्रति बड़े झुकाव को दर्शाता है। इक्रा एनालिटिक्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा, बी30 शहरों का इक्विटी के प्रति भारी झुकाव है। बी30 परिसंपत्तियों का करीब 76.49 फीसदी इक्विटी योजनाओं में, 9.19 फीसदी बैलेंस्ड योजनाओं में और करीब 11.8 प्रतिशत डेट योजनाओं में है। इसके विपरीत, टी30 शहरों ने 31.41 फीसदी परिसंपत्तियां डेट योजनाओं में आवंटित की हैं।
बी30 बाजारों के लिए शुरुआती आधार भी अनुकूल है। अक्टूबर 2025 तक बी30 शहरों में व्यक्तिगत निवेशकों की संपत्ति करीब 13.5 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि टी30 शहरों में यह करीब 35.5 लाख करोड़ रुपये थी।
विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि बी-30 डेटा सटीक होने के बजाय सांकेतिक ज्यादा है। चूंकि यह वर्गीकरण स्थायी खाता संख्या (पैन) डेटाबेस में दर्ज पतों पर आधारित है। इसलिए जो निवेशक बड़े शहरों में चले गए हैं, लेकिन उन्होंने अपना पैन विवरण अपडेट नहीं किया है, उन्हें भी बी30 निवेशकों में गिना जा सकता है।