facebookmetapixel
Advertisement
NRI-OCI को बड़ी राहत, RBI के नए नियमों से शेयर बाजार को क्या फायदा होगा?RBI के फैसले के बाद आपकी EMI बदलेगी या नहीं? 50 लाख के होम लोन का पूरा हिसाब जानिएपश्चिम एशिया संकट के बीच RBI का बड़ा कदम; ग्रोथ अनुमान घटाया, FY27 में अब 6.6% की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्थाAI की भूख बढ़ी तो बढ़ेगी इन कंपनियों की कमाई! डेटा सेंटर सेक्टर पर बड़ी रिपोर्टAI के हर सवाल से कमाई कर रही हैं ये भारतीय कंपनियां, निवेशक कर रहे जमकर खरीदारीमहंगाई पर RBI की चिंता बढ़ी! FY27 के लिए CPI अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया, तेल कीमतों ने बढ़ाया दबावRBI MPC 2026: रुपये, विदेशी निवेश और फॉरेक्स रिजर्व पर आरबीआई के बड़े ऐलानसरकार का बड़ा फैसला! विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड पर नहीं देना होगा टैक्सGold, Silver Price Today: चांदी के वायदा भाव में ₹4,772 की गिरावट, सोना भी टूटाRBI MPC Meeting 2026: RBI ने रीपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, FY27 के लिए ग्रोथ रेट 6.6% रहने का अनुमान

बजट के बाद बॉन्ड यील्ड घटने से डेट फंडों में तेजी, निवेशकों ने करीब 327 करोड़ रुपये का कमाया मुनाफा

Advertisement

Bond market analysis : गिल्ट फंड और डायनैमिक बॉन्ड फंड दिसंबर 2023 के अंत तक 26,100 करोड़ रुपये और 30,860 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहे थे।

Last Updated- February 07, 2024 | 11:11 PM IST
टारगेट मैच्योरिटी फंड से उठाएं ऊंची यील्ड का लाभ, Investors can lock into current high yields with target maturity funds

अंतरिम बजट के बाद यील्ड (प्रतिफल) में नरमी आने से डेट फंड निवेशकों को बड़ा लाभ कमाने का मौका मिला है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि जहां गिल्ट फंडों में निवेशकों का निवेश बजट के दिन औसत 0.65 प्रतिशत तक बढ़ा वहीं डायनैमिक बॉन्ड फंडों की एनएवी में 0.51 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर्ज की गई।

अंतरिम बजट में घो​षित अनुमान से कम उधारी योजना की वजह से 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 8 आधार अंक गिरकर गुरुवार को 7.04 प्रतिशत रह गया।

डेट बाजार की धारणा को 2024-25 के लिए सरकार की 14.1 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी योजना से उत्साह मिला जिसके चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 15.43 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यील्ड यानी प्रतिफल में किसी तरह की गिरावट से बॉन्ड और डेट फंड निवेशकों के लिए लाभ को बढ़ावा मिलता है।

गिल्ट फंड और डायनैमिक बॉन्ड फंड दिसंबर 2023 के अंत तक 26,100 करोड़ रुपये और 30,860 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहे थे। एनएवी में औसत वृद्धि के आधार पर इन योजनाओं ने गुरुवार को लगभग 327 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया। कॉरपोरेट बॉन्ड फंड और बैंकिंग एवं पीएसयू फंड जैसी अन्य योजनाओं ने 0.15 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की।

निवेशकों को बाजार हालात के आधार पर वि​भिन्न कॉरपोरेट एवं सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) में निवेश की अनुमति देने वाले डायनैमिक बॉन्ड फंड जी-सेक प्रतिफल में गिरावट का लाभ उठाने में सफल रहे हैं।

दिसंबर के अंत में डायनैमिक बॉन्ड फंडों ने जी-सेक को 68 प्रतिशत राशि आवंटित की थी। इसके विपरीत कॉरपोरेट बॉन्ड निवेश महज 24 प्रतिशत दर्ज किया गया। फंड प्रबंधकों का कहना है कि सरकार के उधारी लक्ष्य घटाने से प्रतिफल में लगातार गिरावट हो सकती है।

टाटा ऐसेट मैनेजमेंट में फिक्स्ड इनकम के प्रमुख मूर्ति नागराजन ने कहा, ‘प्रतिफल में और अ​धिक गिरावट विदेशी संस्थागत निवेशकों की आवक और भारत की रेटिंग अपग्रेड की उम्मीद में आ सकती है। वित्त मंत्रालय राजकोषीय घाटे में कमी के लक्ष्य के साथ रेटिंग अपग्रेड का का लक्ष्य लेकर चल रहा है। अभी भारत निवेश ग्रेडिंग में हैं। ’

आदित्य बिड़ला सन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी में फिक्स्ड इनकम के सह-प्रमुख कौस्तुभ गुप्ता ने कहा, ‘इस अंतरिम बजट का आधार एक ऐसी सरकार के रूढ़िवादी आंकड़ों से जुड़ा हुआ है जो गैर-मुद्रास्फीति के जरिये भारत की दीर्घकालिक वृद्धि बढ़ाने के लिए आश्वस्त है। आगामी चुनावी सीजन के बावजूद इसमें लोक-लुभावन वादे नहीं किए गए। हमारा मानना है कि मुख्य प्रतिफल 6.5 प्रतिशत रहेगा।’

हालांकि पोर्टफोलियो के दृष्टिकोण से फंड प्रबंधकों का कहना है कि वे अपने कॉरपोरेट बॉन्ड निवेश को बढ़ाना चाह रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में अंतर बढ़ रहा है। कुछ फंड प्रबंधकों का कहना है कि वे उन योजनाओं में जी-सेक और कॉरपोरेट बॉन्ड फंडों के बीच आवंटन को पुन: संतुलित बनाने की संभावना तलाश रहे हैं जो जी-सेक से आगे रही थीं।

Advertisement
First Published - February 7, 2024 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement