facebookmetapixel
Advertisement
Gold ETF में निवेश पर रोक! क्या सोने में बन गया है बबल? खरीदें, बेचें या होल्ड करें?लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, 15 छात्रों के मौत की खबर; रेस्क्यू ऑपरेशन जारीमई में सुस्त पड़ी बुनियादी ढांचे की रफ्तार, कोर सेक्टर्स की ग्रोथ 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आईचीन ने अमेरिका पर किया बड़ा पलटवार, लॉकहीड मार्टिन समेत 10 दिग्गज डिफेंस कंपनियों पर लगाया प्रतिबंधक्या टैरिफ पर झुकेगा अमेरिका? अन्य एशियाई देशों से बेहतर डील चाहता भारत, ग्रीर से बातचीत में लगाएगा दांवकौन हैं ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ एंडी बर्नहैम, जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की रेस में सबसे आगे चल रहे हैंDefence Exports: अमेरिकी हथियारों के विकल्प तलाश रहा यूएई, भारत से ब्रह्मोस खरीदने पर बातचीतTata MF NFO: बदलते सेक्टर ट्रेंड्स से कमाई का मौका, मल्टी-सेक्टर पैसिव FoF में ₹5000 से निवेश शुरूBJP का पहला बंगाल बजट: 1 लाख नौकरियां, DA में 20% इजाफा, अन्नपूर्णा योजना के लिए ₹36,000 करोड़; देखें बड़े ऐलानपश्चिम बंगाल सरकार ने DA/DR 20% बढ़ाया: इससे कर्मचारियों के ‘इन हैंड’ सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?

बाजार हलचल: इस हफ्ते डेरिवेटिव कारोबार पर पड़ेगा अस्थायी असर

Advertisement

संकेतकों के अभाव में बाजार सपाट, ग्रे मार्केट में एनटीपीसी ग्रीन और ब्लैकबक में नहीं चमक

Last Updated- November 17, 2024 | 9:32 PM IST
Dividend

इस हफ्ते हो रहे दो अहम बदलावों से डेरिवेटिव कारोबार की मात्रा में गिरावट की आशंका है। बुधवार से सभी इंडेक्स डेरिवेटिव सौदों का लॉट साइज 5 लाख रुपये से बढ़कर 15 लाख रुपये हो जाएगा। इसके अलावा साप्ताहिक एक्सपायरी प्रति एक्सचेंज एक बेंचमार्क तक सीमित होगी। बाजार के प्रतिभागियों का अनुमान है कि इन बदलावों से डेरिवेटिव सौदों की संख्या में एक तिहाई कमी आएगी।

एक ब्रोकरेज फर्म के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि इस बदलाव का मकसद डेरिवेटिव एक्सचेंज पर टर्नओवर में कमी लाना और बेखबर खुदरा निवेशकों को बाजार में उतरने से हतोत्साहित करना है। मुझे तत्काल कुल वॉल्यूम में 20-30 फीसदी गिरावट की संभावना दिखती है, लेकिन यह अस्थायी होगा। कुछ टर्नओवर स्टॉक ऑप्शंस की ओर चला जाएगा क्योंकि लॉट साइज समान है और अन्य इंडेक्स का रुख करेगा। ट्रेडर अपनी रणनीति एनएसई निफ्टी और एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स की चाल के मुताबिक अपनाएंगे।

संकेतकों के अभाव में बाजार सपाट

पिछले हफ्ते इक्विटी बाजार गिरावट के दौर में प्रवेश कर गया। एनएसई निफ्टी और व्यापक बाजार के सूचकांकों निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 अपने-अपने सर्वोच्च स्तर से करीब 10 फीसदी टूट गए। पहले से ही कंपनियों की निराशाजनक आय और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से दबाव का सामना कर रहे निवेशक भारत में बढ़ती महंगाई से और ज्यादा परेशान हो गए हैं। यह हफ्ता सुस्त रह सकता है क्योंकि बाजारों में हलचल के लिए कोई बड़ा संकेतक नहीं है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि इस हफ्ते कोई बड़ा मामला नहीं दिख रहा है क्योंकि आय का सीजन करीब-करीब पूरा हो चुका है और अमेरिकी आंकड़े भी आ चुके हैं। डॉलर की चाल और अमेरिकी बाजार का रुख बाजार की दिशा तय करेंगे। अस्थायी निचले स्तर के लिए हमें कुछ और कारोबारी सत्रों की दरकार हो सकती है। निफ्टी का अहम समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्रमश: 23,345 और 23,960 है।

ग्रे मार्केट में एनटीपीसी ग्रीन और ब्लैकबक में नहीं चमक

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम अपने इश्यू प्राइस से महज 1.4 रुपये है। कंपनी का इरादा 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का है और कीमत दायरा 102 से 108 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। द्वितीयक बाजार में बिकवाली और यह तथ्य कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का ज्यादातर हिस्सा कर्ज भुगतान में जाएगा, से निवेशकों की दिलचस्पी खत्म दिखती है।

ऊंची कीमत भी इसकी एक अन्य वजह बताई गई। फूड ऐंड ग्रोसरी डिलिवरी फर्म स्विगी (जिसका जीएमपी कमजोर रहा था), पिछले हफ्ते सूचीबद्धता के दिन 17 फीसदी चढ़ा था, लेकिन गुरुवार को यह 5.7 फीसदी गिर गया। देश के सबसे बड़े डि​जिटल ट्रक प्लेटफॉर्म ब्लैकबक जिंका लॉजिस्टिक सॉल्युशंस का आईपीओ सोमवार को बंद होगा। लेकिन इसका जीएमपी अभी शून्य है। अभी तक आईपीओ को 0.32 गुना बोलियां मिली हैं।

Advertisement
First Published - November 17, 2024 | 9:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement