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Market Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजारों की चाल कई महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाओं और आंकड़ों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि RBI का ब्याज दर निर्णय, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक रुझान बाजारों को प्रभावित करेंगे।
भारत का औद्योगिक उत्पादन डेटा अक्टूबर 2025 के लिए 1 दिसंबर को जारी होगा। वहीं, सोमवार को नवंबर महीने की ऑटोमोबाइल बिक्री के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी, अजित मिश्रा ने कहा, “इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आएंगे, जो बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। घरेलू ध्यान मुख्य रूप से मासिक ऑटो बिक्री और HSBC के मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और कंपोजिट PMI आंकड़ों पर रहेगा। सबसे अहम घटना RBI की मौद्रिक नीति बैठक होगी, जहां मुद्रास्फीति, विकास और ब्याज दरों में कटौती की संभावना पर नजर रहेगी।”
भारत की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे तेज है। इस दौरान GST दर कटौती से पहले उत्पादन बढ़ाने और उपभोक्ता खर्च में तेजी ने अमेरिका के कड़े टैरिफ का असर कम किया।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौर ने कहा, “RBI की मौद्रिक नीति बैठक 5 दिसंबर 2025 को बाजार के लिए अहम ट्रिगर होगी। इसके अलावा, 1 दिसंबर को नवंबर ऑटो बिक्री डेटा भी महत्वपूर्ण रहेगा। ये आंकड़े त्योहारों के समय की मांग और ग्रामीण एवं शहरी उपभोक्ता रुझानों की जानकारी देंगे।”
पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 474.75 अंक या 0.55 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 134.8 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा। गुरुवार को सेंसेक्स ने रिकॉर्ड 86,055.86 का स्तर छुआ, और निफ्टी 26,310.45 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
Enrich Money के सीईओ Ponmudi R ने कहा, “बाजार फिलहाल ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। इस हफ्ते कई घरेलू और वैश्विक कारक तय करेंगे कि क्या शेयर बाजार अपनी बढ़त जारी रख पाएगा। घरेलू स्तर पर, RBI की नीति बैठक सबसे बड़ी प्रतिक्रिया का कारण होगी। नवंबर की ऑटो बिक्री आंकड़े यह बताएंगे कि GST के बाद मांग में सुधार कायम है या नहीं। अगर आंकड़े मजबूत आए, तो यह निवेशकों के भरोसे को और बढ़ाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “वैश्विक स्तर पर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के S&P मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI आंकड़ों पर भी नजर रहेगी।”