facebookmetapixel
Advertisement
क्या भारत की विकास दर को रोक देगी भीषण गर्मी? वर्ल्ड बैंक का दावा: अर्थव्यवस्था व नौकरियों पर बड़ा खतराTCS, Tata Power या Tata Steel? टाटा ग्रुप की पांच कंपनियों पर ब्रोकरेज मेहरबान, चेक करें नए टारगेट प्राइसजुलाई की झमाझम बारिश के बाद झटका! अगस्त-सितंबर में कम बारिश का अनुमानShare Market: Sensex 78,000 के पार, Nifty 24,383 के ऊपर… अब आगे क्या होगा?सिर्फ सैलरी से नहीं चलेगा काम! जानिए कैसे शेयर बाजार, बिजनेस और फ्रीलांसिंग से बढ़ाएं अपनी कमाईMaruti Suzuki Q1 Results: मुनाफा 9% घटकर ₹3,446 करोड़ रहा, कच्चे माल की बढ़ी लागत ने बिगाड़ा खेलPM-KISAN Scheme: सरकार ने किसान सम्मान निधि को 5 साल बढ़ाया, जानें कैसे और कौन उठा सकते हैं लाभकैबिनेट का बड़ा फैसला, पीएम-किसान योजना 5 साल बढ़ी; ₹3.15 लाख करोड़ के खर्च को मिली मंजूरीITC Q1 Results: मुनाफा 27% घटकर ₹3,579 करोड़ रहा, पर कमाई 28% बढ़कर ₹26,943 करोड़ हुई146% बढ़े SMS स्कैम के मामले! बैंक खाता पूरी तरह खाली हों, उससे पहले ही ऐसे पहचानें ठगों के फर्जी मैसेज

बाजार हलचल: तेजड़ियों की कमान में अब बाजार की रफ्तार, IPO के लिए एक और उत्साहजनक सप्ताह

Advertisement

बेंचमार्क नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इस दौरान 1.6 फीसदी चढ़कर 24,541 पर बंद हुआ जो 26 जुलाई के बाद उसकी सबसे अच्छी एकदिवसीय बढ़त है।

Last Updated- August 18, 2024 | 9:51 PM IST
Market Outlook

शुक्रवार को आई मजबूती के कारण शेयर बाजार की रफ्तार तेजड़ियों के पक्ष में दिखती है। बेंचमार्क नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इस दौरान 1.6 फीसदी चढ़कर 24,541 पर बंद हुआ जो 26 जुलाई के बाद उसकी सबसे अच्छी एकदिवसीय बढ़त है। हालांकि यह अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से 537 अंक (2.2 फीसदी) पीछे है लेकिन इंडेक्स और बढ़त के लिए तैयार है। नई ऊंचाई पर पहुंचने की इसकी क्षमता अल्पावधि के प्रतिरोध से पार पाने पर निर्भर करती है।

ऐंजल वन के तकनीकी विश्लेषक (इक्विटी) राजेश भोसले के मुताबिक आगामी सत्रों में हम निफ्टी को 24,700 और 24,850 के स्तर को परखता हुआ देख सकते हैं जो तात्कालिक अवरोध है। अगर वैश्विक बाजारों का सहयोग बना रहता है तो हम 25,000 का स्तर भी परख सकते हैं। हालांकि अगर निफ्टी 24,200 का स्तर तोड़ता है तो यह 24,000 और 23,900 के स्तर तक गिर सकता है।

ब्रोकरों को लौटानी होगी नकद कोलेटरल पर ब्याज आय!

बाजार नियामक सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि क्लियरिंग कॉरपोरेशन नकद कोलेटरल पर अर्जित ब्याज तय अवधि पर ब्रोकरों को लौटाएं। चूंकि क्लियरिंग कॉरपोरेशन का स्वामित्व पूरी तरह से एक्सचेंजों के पास है, ऐसे में इस प्रस्ताव का असर एक्सचेंजो के लाभ पर पड़ेगा। बाजार नियामक सेबी का निदेशक मंडल इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दे सकता है।

विश्लेषकों ने कहा कि यह देखना होगा कि क्लियरिंग कॉरपोरेशन को पूरी ब्याज आय ब्रोकरों को लौटाते हैं या फिर निष्क्रिय धन राशि पर ब्याज – जिसमें कोई पोजीशन अंतर्निहित न हो। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नोट के मुताबिक अगर क्लियरिंग फंडों का औसतन 15 फीसदी निष्क्रिय हो तो बंबई स्टॉक एक्सचेंज और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) की 2023-24 की प्रति शेयर आय पर अनुमानित असर क्रमश: 3.3 फीसदी व 1.4 फीसदी होगा। अगर हम मानकर चलें कि फंडों का 30 फीसदी निष्क्रिय है तो अधिकतम असर बीएसई व एमसीएक्स पर 6.6 फीसदी व 2.8 फीसदी होगा।

आईपीओ के लिए एक और उत्साहजनक सप्ताह

पिछले हफ्ते काफी मजबूती दिखाने के बाद आईपीओ बाजार के लिए एक और सप्ताह उत्साहजनक रह सकता है। दो नए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) इंटरआर्क बिल्डिंग प्रॉडक्ट्स (600 करोड़ रुपये) और ओरिएंट टेक्नोलॉजिज (215 करोड़ रुपये) बाजार में उतरेंगे। इस बीच, 107 गुना आवेदन पाने वाली सरस्वती साड़ी डिपो का शेयर मंगलवार को एक्सचेंजों  पर करीब 26 फीसदी प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध होने की संभावना है।

ग्रे मार्केट में इंटरआर्क के शेयर को 34 फीसदी प्रीमियम मिल रहा है, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता ओरिएंट का आकर्षक दिखना अभी बाकी है। पिछली तीन लिस्टिंग यूनिकॉमर्स ई-सॉल्युशंस, ओला इलेक्ट्रिक व फर्स्टक्राई (तीनों सॉफ्टबैंक स​मर्थित) ने निवेशकों को खासा लाभ दिया है और पहली दो कंपनियां अभी अपने इश्यू प्राइस से 75 फीसदी ऊपर कारोबार कर रही हैं और बेबी प्रॉडक्ट रिटेलर 44 फीसदी ऊपर कारोबार कर रही है।

Advertisement
First Published - August 18, 2024 | 9:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement