facebookmetapixel
2026 में 1,00,000 के पार जाएगा सेंसेक्स ? एक्सपर्ट्स और चार्ट ये दे रहे संकेतसिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 10% तक टूट ITC और गोडफ्रे फिलिप्स के शेयर; 1 फरवरी से लागू होंगे नियमहोटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरीRBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, क्रिप्टो पर सतर्कता; CBDC को बढ़ावाउभरते आर्थिक दबाव के बीच भारतीय परिवारों का ऋण बढ़ा, पांच साल के औसत से ऊपरनया साल 2026 लाया बड़े नीतिगत बदलाव, कर सुधार और नई आर्थिक व्यवस्थाएंसरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच समर्थन योजना शुरू कीअनिश्चित माहौल में सतर्कता नहीं, साहस से ही आगे बढ़ा जा सकता है: टाटा चेयरमैनपुरानी EV की कीमत को लेकर चिंता होगी कम, कंपनियां ला रही बायबैक गारंटीऑटो PLI योजना का बढ़ेगा दायरा, FY27 से 8 और कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहन

बाजार में हाहाकार! 1,133 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर

मिडकैप-स्मॉलकैप में भारी गिरावट, फरवरी का प्रदर्शन 5 साल में सबसे कमजोर

Last Updated- March 03, 2025 | 10:42 PM IST
The stock market, which made many records this year, is now down 10 percent from its high इस साल कई रिकॉर्ड बनाने वाला शेयर बाजार अब अपने हाई से 10 प्रतिशत नीचे आया

एक ओर जहां बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स मामूली नुकसान से बचे रहे वहीं व्यापक बाजारों पर दबाव बना रहा। निफ्टी माइक्रोकैप-250 में 0.82 फीसदी की गिरावट आई और उसका नुकसान अपने सर्वोच्च स्तर से 27 फीसदी पर पहुंच गया। बाजार में चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा और बीएसई पर 2,852 शेयर टूटे जबकि 1,235 में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच, 1,133 शेयरों ने 52 हफ्ते के निचले स्तर को छुआ।

बाजार में तीव्र बिकवाली के बीच पिछले एक हफ्ते से 52 हफ्ते के निचले स्तर को छूने वाले शेयरों की संख्या बढ़ रही है। ऐक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड अक्षय चिंचालकर ने एक नोट में कहा, एनएसई-500 के लिए चढ़ने और गिरने वाले शेयरों के अनुपात का झुकाव अब नीचे की ओर है।

अगर हम 50, 100 और 200 दिन के औसत से ऊपर के शेयरों के प्रतिशत को देखें तो यह क्रमशः 7.6 फीसदी, 6.2 फीसदी और 10.1 फीसदी है। हम उन्हें बहुत कम कहेंगे। कोविड के कारण टूटे बाजार में ये आंकड़े क्रमशः 1.2 फीसदी, 4 फीसदी और 10.3 फीसदी थे।

फरवरी में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात 0.72 फीसदी था जो पांच साल का निचला स्तर है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स क्रमश: 10.8 फीसदी और 13.1 फीसदी गिरा है जो मार्च 2020 के बाद उनका सबसे खराब मासिक प्रदर्शन है।

उन्होंने कहा, ऐतिहासिक पैटर्न से पता चलता है कि चढ़ने और गिरने वाले शेयरों के अनुपात का चरम अक्सर बाजार के निचले स्तर से पहले देखने को मिलता है, लेकिन निवेशकों को पोजीशन लेने से पहले रिकवरी की पुष्टि तक इंतजार करना चाहिए।

First Published - March 3, 2025 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट