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सिर्फ 7 महीनों में 1800% की छलांग! इस बीएसई माइक्रोकैप स्टॉक ने मचाया धमाल

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EPIC एनर्जी के शेयरों में जबरदस्त तेजी, 7 महीनों में 6.41 रुपये से 121.85 रुपये तक का सफर

Last Updated- December 02, 2024 | 7:32 PM IST
Share Market

EPIC एनर्जी के शेयर सोमवार को बीएसई पर 2% अपर सर्किट में बंद हुए। शेयर का भाव 121.85 रुपये के मल्टी-ईयर हाई पर पहुंच गया। यह लगातार 140वां ट्रेडिंग डे था जब शेयर अपर सर्किट में बंद हुआ। पिछले 7 महीनों में इस माइक्रोकैप कंपनी के शेयर की कीमत 6.41 रुपये (2 मई 2024) से बढ़कर 1800% उछाल के साथ मौजूदा स्तर पर पहुंची है।

EPIC एनर्जी के शेयर वर्तमान में बीएसई के ‘XT’ ग्रुप में ट्रेड कर रहे हैं। ‘X’ ग्रुप में उन कंपनियों के शेयर आते हैं जो सिर्फ बीएसई पर लिस्टेड हैं, जबकि ‘T’ ग्रुप उन शेयरों को दर्शाता है जो ट्रेड-टू-ट्रेड सेटलमेंट बेसिस पर होते हैं। कंपनी का मार्केट कैप 87.87 करोड़ रुपये है।

सोमवार सुबह 10:14 बजे तक बीएसई पर 3,056 शेयरों का लेन-देन हुआ और 93,713 शेयरों के लिए खरीदारी के ऑर्डर पेंडिंग थे। कंपनी के शेयर ने पिछला रिकॉर्ड हाई ₹194 (2 मई 2008) पर बनाया था। 30 सितंबर 2024 तक कंपनी के कुल 7.21 मिलियन आउटस्टैंडिंग इक्विटी शेयर थे। इनमें से 23.27% हिस्सेदारी प्रमोटर्स के पास थी जबकि 64.79% हिस्सेदारी रेजिडेंट इंडिविजुअल शेयरधारकों के पास थी।

EPIC एनर्जी: सोलर और EV चार्जर बाजार में नई उड़ान

EPIC एनर्जी भारत में सोलर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मार्केट का एक प्रमुख प्लेयर है। कंपनी रूफटॉप सोलर और ओपन एक्सेस सोलर एनर्जी मॉडल के तहत काम करती है। साथ ही, यह हाई कंजप्शन वाले ग्राहकों के लिए LED रेट्रोफिटिंग समाधान भी ESCO मॉडल पर प्रदान करती है। EPIC को ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसने राज्य सरकारों, नगर निगमों और इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के बड़े प्लेयर्स के साथ काम किया है।

सोलर एनर्जी में विस्तार

कंपनी ने खुद को भारत में रूफटॉप सोलर EPC के एक लीडिंग प्लेयर के रूप में स्थापित किया है। इसके अलावा, EPIC ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट्स के क्षेत्र में कदम रख रही है, जो भारत सरकार के ओपन एक्सेस सिस्टम के तहत संचालित होंगे। कंपनी का लक्ष्य अगले दो वित्तीय वर्षों में 100 मेगावॉट सोलर जनरेशन क्षमता स्थापित करने का है, जो इसकी FY24 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है।

EV चार्जर निर्माण में नई साझेदारी

9 सितंबर 2024 को EPIC ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी ने फेनफियो ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड कोयंबटूर के साथ एक ज्वाइंट वेंचर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत कोयंबटूर में 15,000 चार्जर प्रति वर्ष की क्षमता वाला EV चार्जर निर्माण यूनिट स्थापित किया जाएगा।

ज्वाइंट वेंचर में EPIC की 76% हिस्सेदारी होगी और फेनफियो की 24% हिस्सेदारी होगी। यह साझेदारी भारत में बाजार की जरूरत के हिसाब से कई जगहों पर उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम से EPIC सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी पकड़ और मजबूत करेगा।

भारत में EV चार्जिंग बाजार में तेज़ी, EPIC की नई साझेदारी से उम्मीदें बढ़ीं

EPIC का कहना है कि फेनफियो के पास EV निर्माताओं के साथ कई प्रोजेक्ट तैयार हैं, जिनका फायदा 2025 की शुरुआत में ज्वाइंट वेंचर यूनिट शुरू होने पर मिलेगा। कंपनी ने बताया कि यह यूनिट 80% क्षमता पर काम करते हुए हर साल करीब ₹15 करोड़ की कमाई कर सकती है।

भारत में EV चार्जिंग बाजार का भविष्य

भारत का EV चार्जर बाजार 2024 से 2030 के बीच 40% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ते हुए लगभग 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। EPIC ने Bain की “इंडिया इलेक्ट्रिक व्हीकल रिपोर्ट 2023” का हवाला देते हुए कहा कि फास्ट चार्जिंग तकनीक की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासतौर पर परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में। Bain का अनुमान है कि 2030 तक भारत का EV चार्जिंग बाजार 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर के मूल्य तक पहुंच सकता है। सरकार की पहल, कर लाभ और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप इसे और गति देंगे।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, 2030 तक भारत में बिकने वाले सभी वाहनों में से 33% इलेक्ट्रिक होंगे। EV की इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत को 2030 तक 29 लाख सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स की आवश्यकता होगी, जिसके लिए 6 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की जरूरत होगी।

Bain और Bloomberg दोनों ने फास्ट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को EV वृद्धि के लिए अहम बताया है। अनुमान है कि यह बाजार 50% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ तेज़ी से विकसित होगा।

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First Published - December 2, 2024 | 7:32 PM IST

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