Tobacco stocks: सरकार ने सिगरेट पर नए टैक्स के एलान के बाद सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयर गुरुवार (1 जनवरी) यानी साल 2026 के पहले दिन भारी गिरावट में चले गए। केंद्र ने 31 दिसंबर को तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) लागू किये जाने का एलान किया। इसके साथ ही पान मसाले पर नया स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगाने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद गुरुवार को सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट का असर प्रमुख रूप से आईटीसी और गोडफ्रे फिलिप्स (Godfrey Phillips) के स्टॉक्स पर पड़ा।
आईटी के शेयर सुबह 11:10 बजे 7.73 प्रतिशत गिरकर 371.85 रुपये पर ट्रेड कर रहा थे। जबकि गोडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर 10.45 प्रतिशत नीचे आया। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में आईटी के शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा पैकिंग मशीनों (क्षमता निर्धारण और शुल्क संग्रह) नियम, 2026 की अधिसूचना भी जारी की गई। संसद ने दिसंबर में दो विधेयकों को मंजूरी दी थी। इससे पान मसाला उत्पादन पर नया हेल्थ एंड नैशनल सिक्योरिटी सेस और तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाने की अनुमति मिली।
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सरकार ने बुधवार को इन करों के लागू होने की तारीख 1 फरवरी तय कर दी। वर्तमान में लागू जीएसटी कंपनजेशन सेस (GST Compensation Cess), जो अलग-अलग दरों पर लगाया जाता है, 1 फरवरी से समाप्त हो जाएगा।
आईसीआईसीआई का अनुमान है कि सिगरेट पर प्रस्तावित उत्पाद शुल्क 1,000 सिगरेट की मात्रा पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक निर्धारित किया गया है, जो सिगरेट की लंबाई और फिल्टर प्रकार पर निर्भर करेगा। 65 एमएम तक की सिगरेट न्यूनतम स्लैब में आएंगी। जबकि 75 एमएम से ऊपर की सिगरेट पर सबसे अधिक कर लगेगा।
नए स्ट्रक्चर के तहत 65 एमएम तक की सिगरेट पर या तो टैक्स में कमी होगी या कोई वृद्धि नहीं होगी। लेकिन 75 एमएम और उससे ऊपर की सिगरेट पर 48 से 50 प्रतिशत तक टैक्स बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि 75 से 85 एमएम श्रेणी की सिगरेट की कुल लागत में लगभग 22 से 28 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
ब्रोकरेज ने कहा कि वे अंतिम नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं ताकि ये अनुमान पुष्टि किए जा सकें। पहली नजर में यह कदम नकारात्मक दिखाई देता है क्योंकि 75 एमएम से ऊपर की सिगरेट पर भारी कर वृद्धि हो रही है। इस श्रेणी का आईटीसी के सिगरेट वॉल्यूम में लगभग 16 प्रतिशत योगदान है और इस पर हाई टैक्स का असर पड़ने से कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति सिगरेट की बढ़ोतरी की संभावना है।