facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

दो साल में ज्यादातर आईपीओ में इन 5 सेक्टर्स का रहा दबदबा: मोतीलाल ओसवाल

ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले दो साल में आईपीओ को 26.6 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया है

Last Updated- December 25, 2025 | 9:54 PM IST
Gujarat Kidney IPO listing

मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में मेनबोर्ड और एसएमई प्लेटफॉर्म दोनों पर आए कुल आईपीओ में पांच सेक्टर का योगदान आधे से अधिक रहा। निवेशकों को भेजे एक नोट में ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि इन सेक्टर का योगदान हर साल अलग-अलग रहा।

कैलेंडर वर्ष 2025 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (26.6 प्रतिशत), पूंजीगत सामान (9.5 प्रतिशत), टेक्नॉलजी (9.2 प्रतिशत), हेल्थकेयर (6.4 प्रतिशत) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (6 प्रतिशत) ने नई लिस्टिंग में दबदबा बनाया। इसके विपरीत कैलेंडर वर्ष 2024 की आईपीओ गतिविधि में ऑटोमोबाइल (19.3 प्रतिशत), टेलीकॉम (11.8 प्रतिशत), पूंजीगत सामान (9 प्रतिशत), रिटेल (8.7 प्रतिशत), और ई-कॉमर्स (7.6 प्रतिशत) आगे रहे। नोट में कहा गया है, ‘कैलेंडर वर्ष 2024 में जुटाई गई कुल पूंजी में करीब 18 फीसदी योगदान के बावजूद टेलीकॉम, यूटिलिटीज और प्राइवेट बैंकिंग जैसे सेक्टरों ने कैलेंडर वर्ष 2025 में एक भी पैसा नहीं जुटाया।’

ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले दो साल में आईपीओ को 26.6 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया है। जिन सेक्टर में उनके निर्गम आकार के मुकाबले मजबूत बोलियों का स्तर देखा गया, उनमें पूंजीगत सामान, एनबीएफसी, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और ई-कॉमर्स शामिल हैं।

लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन के बारे में नोट में कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में मेनबोर्ड यानी प्रमुख बाजार में 197आईपीओ लिस्ट हुए हैं। इनमें से 108 आईपीओ यानी 55 फीसदी अपनी ऑफर कीमत से प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं और 14 शेयर 100 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

आईपीओ आकार के हिसाब से टॉप 20 कंपनियों में से 16 अपने निर्गम भाव से ऊपर कारोबार कर रही हैं। भारती हेक्साकॉम अपने निर्गम भाव के मुकाबले 214 प्रतिशत फायदे के साथ सबसे आगे है। इसके बाद वारी एनर्जीज (104 प्रतिशत), मीशो (82 प्रतिशत), विशाल मेगा मार्ट (75 परसेंट) और बिलियनब्रेन्स गैराज (66 परसेंट) शामिल हैं।

First Published - December 25, 2025 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट