आईपीओ

नया कीर्तिमान! मेनबोर्ड IPO ने 18 साल बाद शतक किया पूरा, कंपनियों ने जुटाए कुल 1.7 लाख करोड़ रुपये

इस सप्ताह पार्क मेडि वर्ल्ड, कोरोना रेमेडीज, नेफ्रोकेयर हेल्थ और वेकफिट इनोवेशन के नए आईपीओ की घोषणा के बाद इस साल निर्गम का आंकड़ा 100 पार कर गया

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सुन्दर सेतुरामन   
Last Updated- December 05, 2025 | 11:33 PM IST

इस साल मेनबोर्ड यानी मुख्य एक्सचेंज पर आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की संख्या 2007 के बाद पहली बार 100 के पार पहुंचने जा रही है। यह कीर्तिमान आईपीओ बाजार के लिए रिकॉर्ड साल रहा है और कंपनियों ने निर्गम से 1.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई है। इस सप्ताह पार्क मेडि वर्ल्ड, कोरोना रेमेडीज, नेफ्रोकेयर हेल्थ और वेकफिट इनोवेशन के नए आईपीओ की घोषणा के बाद इस साल निर्गम का आंकड़ा 100 पार कर गया।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल असेट मैनेजमेंट का 10,000 करोड़ रुपये का आईपीओ भी अगले सप्ताह खुलने की उम्मीद है। इस साल अभी तक 96 कंपनियों के आईपीओ बाजार में आ चुके हैं।

पिछले हफ्ते तक आईपीओ से जुटाई गई रकम बीते साल 91 आईपीओ से जुटाई गई रिकॉर्ड 1.59 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई थी।

यह पहली बार है जब भारत में लगातार दूसरे साल प्राइमरी बाजार से रिकॉर्ड पूंजी जुटाई गई।  बाजार के भागीदारों का कहना है कि 2025 में आईपीओ बाजार में तेजी सेकंडरी बाजार में उठापटक के बीच आई है। जून से कंपनियों के लाभ में नरमी और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता से बेंचमार्क सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद आईपीओ बाजार लचीला बना हुआ है और जून से हर महीने कम से कम 8 निर्गम बाजार में आ रहे हैं।

जुलाई और अगस्त में जब निफ्टी, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में गिरावट देखी जा रही थी तब भी 25 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 26,579 करोड़ रुपये जुटाए। अकेले सितंबर में 25 आईपीओ आए जो जनवरी 1997 के बाद प्राइमरी बाजार का सबसे व्यस्त महीना रहा।

इस वर्ष कुछ बड़ी कंपनियों के भी आईपीओ आए हैं। इनमें टाटा कैपिटल (15,512 करोड़ रुपये), एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (11,604 करोड़ रुपये), लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (7,278 करोड़ रुपये) और ग्रो पैरेंट बिलियन ब्रेन गैराज वेंचर्स (₹6,632 करोड़) शामिल हैं।

बैंकरों के अनुसार आईपीओ बाजार में यह उछाल मजबूत घरेलू संस्थागत प्रवाह से प्रेरित अपना वांछित मूल्यांकन प्राप्त करने में कंपनियों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। निजी इक्विटी निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने की आवश्यकता ने भी आईपीओ बाजार को गति प्रदान की है।

इक्विरस के प्रबंध निदेशक अजय गर्ग ने कहा, ‘हम आईपीओ बाजार को चक्रीय रूप से देखने के आदी थे क्योंकि अतीत में विदेशी निवेशक समर्थन आवश्यक था। विदेशी प्रवाह चक्रीय बना हुआ है लेकिन हाल के वर्षों में घरेलू निवेश भी दमदार रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘लोग बैंक जमा के बजाय इक्विटी में दांव लगाना पसंद कर रहे हैं। मजबूत घरेलू बाजार ने पीई निवेशकों को समय पर बाहर निकलने में सक्षम बनाया है।’

खुदरा निवेशकों ने भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 93 नई सूचीबद्ध कंपनियों में से करीब दो-तिहाई यानी 63 ने सूचीबद्ध होने पर निवेशकों को लाभ दिया है। कुछ कंपनियों के आईपीओ में तो  76 फीसदी तक लाभ हुआ है। इसने त्वरित लाभ चाहने वाले कई खुदरा निवेशक भी आईपीओ बाजार कीओर आकर्षित हुए हैं। हालांकि निर्गम मूल्य से वर्तमान बाजार मूल्य तक का औसत रिटर्न सिर्फ 8 फीसदी है जो लिस्टिंग के दिन से इतर नरम प्रदर्शन का संकेत देता है।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा, ‘खुदरा निवेशकों को अपनी रणनीति पर स्पष्टता की आवश्यकता है। अगर वे लिस्टिंग लाभ के लिए आ रहे हैं तो उन्हें सूचीबद्ध होने के दिन ही बाहर निकल जाना चाहिए चाहे क्योंकि उन्होंने दीर्घकालिक संभावनाओं का विश्लेषण नहीं किया है। दूसरी ओर दीर्घकालिक निवेशकों को कंपनी की बुनियाद और मूल्यांकन का आकलन करने के लिए निर्गम दस्तावेज का अध्ययन करना चाहिए।’

First Published : December 5, 2025 | 10:56 PM IST