facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

पहली बार भारत का बाजार पूंजीकरण 400 लाख करोड़ रुपये के पार

निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में लगातार 12वें कारोबारी सत्र में तेजी आई और इस दौरान यह 12 फीसदी चढ़ गया। सूचकांक अब नई ऊंचाई से महज 1 फीसदी दूर है।

Last Updated- April 08, 2024 | 11:34 PM IST
Market outlook

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (एमकैप) सोमवार को पहली बार 400 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। एमकैप में यह तेजी स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों के मार्च के निचले स्तर से अच्छी वापसी करने की बदौलत आई है।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में लगातार 12वें कारोबारी सत्र में तेजी आई और इस दौरान यह 12 फीसदी चढ़ गया। सूचकांक अब नई ऊंचाई से महज 1 फीसदी दूर है।

इस बीच बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन नए ​शिखर पर बंद हुए। भारत का बाजार पूंजीकरण जुलाई 2023 में 300 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार किया था और उस समय सेंसेक्स 66,000 से थोड़ा नीचे था।

देसी बाजार का अब अगला बड़ा पड़ाव 5 लाख करोड़ डॉलर बाजार पूंजीकरण हासिल करना होगा, जिससे अभी वह करीब 4 फीसदी पीछे है। बाजार के भागीदारों ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर वृहद आ​र्थिक मजबूती और विदेशी निवेश के निरंतर प्रवाह से शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला बना हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैं​शियल सर्विसेज में ब्रोकिंग कारोबार के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्या​धिकारी अजय मेनन ने कहा, ‘भारत वर्तमान में अनुकूल वृहद और सूक्ष्म आ​र्थिक ​स्थिति के संगम का आनंद ले रहा है। पूंजी बाजार में घरेलू खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी खूब बढ़ी है। देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी तेज है और वित्त वर्ष 2025/26 में देश का सकल घरेलू उत्पाद 4 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच सकता है और वित्त वर्ष 2034 तक यह 8 लाख करोड़ डॉलर के स्तर को छू सकता है।’

First Published - April 8, 2024 | 11:14 PM IST

संबंधित पोस्ट