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भारतीय हेज फंडों में दिख रही मजबूती

Last Updated- December 12, 2022 | 10:58 AM IST

पिछले चार महीने में से तीन महीने उम्दा प्रदर्शन से भारतीय हेज फंडों को साल 2020 में अन्य उभरते बाजारों के फंडों को मात देने मंं मदद मिली है।
नवंबर में यूरेकाहेज इंडिया हेज फंड इंडेक्स 6.41 फीसदी ऊपर रहा। यूरेकाहेज इमर्जिंग मार्केट्स हेज फंड इंडेक्स में इसकी तुलना में 4.93 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस साल अब तक भारतीय फंडों का रिटर्न 13.33 फीसदी रहा है जबकि उभरते बाजारों के फंडों का रिटर्न कुल मिलाकर 11.66 फीसदी रहा।
इससे पहले सरकार की तरफ से लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रदर्शन सुस्त रहा था और मई, जून और जुलाई में भारतीय हेज फंड का रिटर्न उभरते बाजारोंं के मुकाबले कम रहा। उसके बाद के तीन महीनोंं में (अक्टूबर को छोड़कर) रिटर्न बेहतर रहा। हेज फंड धनाढ्य निवेशकों के निवेश का जरिया है, जो बाजार को मात देने के लिए अपनी रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।
पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज व एआईएफ उद्योग के ट्रैकर पीएमएस बाजार के संस्थापक निदेशक डैनियल जी एम के मुताबिक, अलग-अलग तरह के हेज फंडों के बीच अंतर हो सकता है। लॉन्ग हेज फंड तब बेहतर करते हैं जब बाजार में बढ़त का रुख होता है। वे लॉन्ग-शॉर्ट फंडों के उलट शेयर की बढ़ती कीमत पर दांव लगाते हैं, साथ ही गिरते बाजार में भी मुनाफा कमाने पर भी विचार करते हैं। बुधवार को एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स अब तक के सर्वोच्च स्तर 46,704.97
अंक को छू गया। डेनियल के मुताबिक, पोर्टफोलियो मैनेजर इस तेजी के बाद कुछ सुरक्षा तलाश सकते हैं, जो मार्च के निचले स्तर से 82.2 फीसदी चढ़ चुका है। उन्होंने कहा, वे नकदी मेंं कुछ पोजीशन ले सकते हैं।
ऑल्टरनेट ऐसेट मैनेजमेंट फर्म एस कैपिटल के चेयरमैन स्वप्निल पवार ने सहमति जताते हुए कहा कि वे वास्तव में मुनाफावसूली कर रहे हैं। बाजार के कई हलकों में मानना है कि तेजी शायद ज्यादा हो गई है। लॉन्ग फंड का संचनला करने वालों के पास लॉन्ग-शॉर्ट के मुकाबले पोजीशन लेने की सीमित क्षमता है, जो इस विचार को प्रतिबिंबित करता है। कई लॉन्ग ऑनली फंडों का मानना है कि नकदी पर बैठने  का फैसला निवेशकों पर छोड़ दिया जाना चाहिए, जो निकासी के लिए स्वतंत्र हैं, अगर वे बाजार में तेजी के बाद अपना आवंटन घटाना चाहते हैं।
अर्थव्यवस्था में सुधार के दम पर उम्दा प्रदर्शन देखने को मिला है। जीडीपी की रफ्तार अगले वित्त वर्ष में 13 फीसदी पर पहुंच सकती है और यह जानकारी जेफरीज के इंडिया आउटलुक से मिली, जो 8 दिसंबर से जारी की गई है।

First Published - December 16, 2020 | 11:09 PM IST

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