facebookmetapixel
Advertisement
₹7.4 लाख करोड़ की ऑर्डर बुक फिर भी क्यों टूटा L&T का शेयर? ब्रोकरेज ने बताई ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीGold-Silver Price Today: चांदी फिर 2.50 लाख पार, सोना भी हुआ महंगा; चेक करें आज के रेटExplainer: SIF निवेशकों की जरूरत या प्रोडक्ट पुश? क्या दूर होंगी म्युचुअल फंड्स की कमियांMarico और Radico Khaitan में दिखा कमाई का दम, एक्सपर्ट ने दिए टारगेटiPhone 17 ने मचाया धमाल! Vivo-Oppo को पछाड़कर बना भारत का नंबर 1 फोनMSCI EM: 0.8% पर अटकी Reliance-HDFC Bank की हिस्सेदारी, TSMC बनी विदेशी निवेशकों का फेवरेटUS-Iran War: Trump ने ‘Project Freedom’ रोका, Iran से डील की उम्मीद बढ़ीHero MotoCorp ने किया 75 रुपये डिविडेंड का ऐलान, जानिए रिकॉर्ड डेट₹100 से कम वाले शेयरों में बड़ा ब्रेकआउट, इन 5 स्टॉक्स पर बुलिश हुए एक्सपर्टStock Market Update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Nifty 24,100 के करीब; Coforge ने लगाई 10% की छलांग

रोज की औसत कारोबारी मात्रा  में हो रहा सुधार

Advertisement

शुक्रवार को एफपीआई ने 2,770 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और इस तरह से उनकी शुद्ध खरीदारी का यह लगातार 12वां कारोबारी सत्र रहा।

Last Updated- May 04, 2025 | 10:43 PM IST
Stock Market

लगातार दूसरे महीने अप्रैल में रोज के औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम (एडीटीवी) में वृद्धि जारी रही। इसे बाजार की मौजूदा तेजी से सहारा मिला। वायदा और विकल्प क्षेत्र (एफऐंडओ) सेगमेंट में मासिक आधार पर 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 368 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कैश सेगमेंट में रोजाना औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम मासिक आधार पर 2 फीसदी की वृद्धि के साथ 1.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

मार्च में एफऐंडओ और कैश दोनों सेगमेंट में मासिक आधार पर क्रमश: 22 फीसदी व 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई थी। यह बढ़ोतरी अप्रैल में निफ्टी-50 इंडेक्स में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी की झलक देती है। इससे पहले मार्च में भी 6.3 फीसदी का इजाफा हुआ था। हालांकि इस बढ़ोतरी से पहले लगातार पांच महीने गिरावट दर्ज हुई थी और निफ्टी अभी भी अपने सर्वोच्च स्तर से 7 फीसदी नीचे है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अपने-अपने उच्चस्तर से 10 फीसदी नीचे हैं।

इस वृद्धि के बावजूद कैश और एफऐंडओ सेगमेंट में रोज का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम क्रमश: जून और सितंबर 2024 के सर्वोच्च स्तर से करीब 30 फीसदी नीचे है। बाजारों में गिरावट और एफऐंडओ ट्रेडिंग के सख्त नियमों का वॉल्यूम पर असर पड़ा है। बाजार के प्रतिभागियों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की वापसी से भी निवेशकों के मनोबल पर असर पड़ा है।

शुक्रवार को एफपीआई ने 2,770 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और इस तरह से उनकी शुद्ध खरीदारी का यह लगातार 12वां कारोबारी सत्र रहा। यह करीब दो साल में शुद्ध खरीदारी का सबसे लंबा दौर है। पिछले 12 सत्रों में एफपीआई ने बाजार में 40,157 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि अगर बाजार अपनी रफ्तार बनाए रखता है और बाजार नियामक सेबी एफऐंडओ ट्रेडिंग के नियमों पर सख्ती टाल देता है तो ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। फरवरी में सेबी ने ओपन इंटरेस्ट की गणना के संशोधित तरीके, बाजार में पोजीशन लिमिट के समायोजन और एकल इंडेक्स व इंडेक्स डेरिवेटिव पर नई सीमा लागू करने समेत कई बदलावों का प्रस्ताव रखा था। बाजार नियामक अभी इन प्रस्तावों पर बाजार के फीडबैक की समीक्षा कर रहा है। –

Advertisement
First Published - May 4, 2025 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement