facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

मोटी रकम के नाम पर हो रही धोखाधड़ी, वित्त मंत्रालय कर रहा Ponzi apps पर शिकंजा कसने की तैयारी

Last Updated- April 23, 2023 | 5:37 PM IST
Finance Ministry will meet bank heads बैंक प्रमुखों से मुलाकात करेगा वित्त मंत्रालय

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि उनका मंत्रालय पोंजी ऐप (ponzi app) पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भोले-भाले निवेशकों की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

सीतारमण ने पोंजी ऐप के खिलाफ निवेशकों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें भी सावधानी बरतनी चाहिए और आकर्षक रिटर्न के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘ऐसे ऐप भी हैं, जो लोगों तक पहुंच रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि हम यह कर सकते हैं, हम ऐसा कर सकते हैं। आपको इतना पैसा दिलाएंगे।’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘उनमें से कई पोंजी हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए हम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’

पोंजी योजना निवेशकों के साथ धोखाधड़ी है, जिसमें नए निवेशकों से जुटाए धन से पुराने निवेशकों को पैसा दिया जाता है, और कुछ समय के बाद यह योजना पूरी तरह से डूब जाती है।

उन्होंने कर्नाटक के तुमकुरु में एक कार्यक्रम में कहा कि निवेशकों को भी अपनी मेहनत की कमाई की रक्षा करनी चाहिए और इस संबंध में सावधानी के साथ फैसला करना चाहिए।

First Published - April 23, 2023 | 5:37 PM IST

संबंधित पोस्ट