facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान समझौते का दिख रहा असर, होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए रवाना हुए उर्वरकों से लदे 4 जहाजब्रह्मोस मिसाइल का नया अवतार: वजन में हल्की और स्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मनों के छूटेंगे पसीनेMeta की बड़ी डील: फिनटेक कंपनी CRED में लगाए 90 करोड़ डॉलर, कुणाल शाह बने व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेडइन्फो एज का बड़ा दांव: 50 से अधिक AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स में किया ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेशब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर का भावुक इस्तीफा, क्या अधर में लटक जाएगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता?US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा: समय सीमा की चिंता अमेरिका की है, मुझे इसकी कोई फिक्र नहींआर्थिक मोर्चे पर झटका: मई में 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई भारत के 8 मुख्य सेक्टर्स की ग्रोथरिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसाUS-Iran Peace Deal: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान से बातचीत ने युद्ध खत्म करने की मजबूत नींव रखीअमेरिकी अर्थव्यवस्था के ‘धुरंधर’ और फेड के पूर्व प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

FPI के निवेश वाले शेयरों में ज्यादा तेजी

Advertisement

FPI ने जून 2023 में समाप्त तीन महीने की अव​धि के दौरान 687 NSE सूचीबद्ध कंपनियों में अपनी शेयरधारिता बढ़ाई

Last Updated- August 18, 2023 | 10:38 PM IST
FPI Selling

जिन शेयरों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने अपना निवेश बढ़ाया, उनमें रिटेल, बीमा तथा म्युचुअल फंडों जैसे अन्य निवेशक वर्गों की खरीदारी वाले शेयरों के मुकाबले ज्यादा तेजी दर्ज की गई।

प्राइमइन्फोबेस डॉटकॉम द्वारा कराए गए विश्लेषण के अनुसार, एफपीआई ने जून 2023 में समाप्त तीन महीने की अव​धि के दौरान 687 एनएसई सूचीबद्ध कंपनियों में अपनी शेयरधारिता बढ़ाई।

इन कंपनियों के लिए औसत शेयर कीमत वृद्धि जून तिमाही के दौरान करीब 30 प्रतिशत थी, जबकि निफ्टी-500 में 13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

इस बीच, 908 कंपनियों (जिनमें रिटेल शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई) के लिए औसत शेयर कीमत वृद्धि करीब 21 प्रतिशत थी। सबसे कम वृद्धि उन 50 शेयरों में दर्ज की गई जिनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपनी हिस्सेदारी महज 12 प्रतिशत तक बढ़ाई। उन 885 कंपनियां ऐसी थीं, जिनमें रिटेल निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई, लेकिन उनके शेयर भाव 28 प्रतिशत तक चढ़े।

साथ ही, 608 शेयर ऐसे थे, जिनमें एफपीआई ने अपना निवेश घटाया, लेकिन उनकी शेयर कीमतें 21 प्रतिशत तक बढ़ीं।

शेयरधारिता और कीमत बदलावों की तुलना से पता चलता है कि वै​श्विक निवेशकों का शेयर भाव पर व्यापक असर पड़ता है। अप्रैल और जून के बीच, एफपीआई ने घरेलू शेयरों में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया।

उन्होंने वित्तीय सेवा क्षेत्र में करीब 44,000 करोड़ रुपये और वाहन क्षेत्र में 16,818 करोड़ रुपये का निवेश किया। प्राइमइन्फोबेस डॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि एफपीआई ने जून तिमाही के दौरान आईटी शेयरों से 9,376 करोड़ रुपये की निकासी की।

वित्त वर्ष 2024 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान, निफ्टी फाइनैं​शियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो सूचकांकों में 11 प्रतिशत और 23.7 प्र​तिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी में 3 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

Advertisement
First Published - August 18, 2023 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement