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मिडकैप, स्मॉलकैप का पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन, बीएसई रियल्टी सूचकांक में 40 फीसदी उछाल

छमाही के दौरान वाहन, पूंजीगत वस्तु, दूरसंचार और सार्वजनिक उपक्रम जैसे क्षेत्रों के शेयरों में जबरदस्त उछाल रही। 

Last Updated- June 28, 2024 | 10:48 PM IST
Stock Market Strategy

इस साल की पहली छमाही भारतीय शेयरों के प्रदर्शन के लिहाज से पिछले तीन साल में सबसे उम्दा छमाही रही है। जनवरी से जून 2024 तक निफ्टी 50 सूचकांक में 10.5 फीसदी और बीएसई सेंसेक्स में 9.4 फीसदी बढ़त रही। इस दौरान बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन लार्जकैप कंपनियों से बेहतर रहा। मिडकैप सूचकांक में 25 फीसदी और स्मॉलकैप सूचकांक में 22 फीसदी बढ़त देखी गई।

छमाही के दौरान वाहन, पूंजीगत वस्तु, दूरसंचार और सार्वजनिक उपक्रम जैसे क्षेत्रों के शेयरों में जबरदस्त उछाल रही।  विश्लेषकों ने कहा कि इन क्षेत्रों ने मार्च तिमाही (वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही) में उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज किया और देसी निवेशक इन पर रीझे रहे।

देसी निवेशकों ने इस छमाही में करीब 2 लाख करोड़ रुपये शेयर बाजार में डाले। बीएसई रियल्टी सूचकांक ने इन छह महीनों में 40 फीसदी बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। उसके बाद बिजली सूचकांक में 37 फीसदी और वाहन सूचकांक में 36 फीसदी बढ़त रही।

निफ्टी 50 सूचकांक के कुल 10 शेयरों ने जनवरी से जून 2024 तक 30 फीसदी से अधिक बढ़त दर्ज की और सेंसेक्स तथा निफ्टी से भी उम्दा प्रदर्शन किया। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के शेयर में 66 फीसदी उछाल आई। उसके बाद अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड के शेयर में 44 फीसदी और श्रीराम फाइनैंस के शेयर में 43 फीसदी बढ़त दर्ज की गई। भारती एयरटेल, बजाज ऑटो एवं पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के शेयर 40-40 फीसदी चढ़े।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं अनुसंधान प्रमुख जी चोकालिंगम के अनुसार अधिकतर स्मॉलकैप एवं मिडकैप शेयरों का मूल्यांकन अधिक है। मगर लार्जकैप शेयरों के भाव अब भी ठीकठाक हैं।

चोकालिंगम ने कहा, ‘निफ्टी की वित्त वर्ष 2025 की अनुमानित प्रति शेयर आय (ईपीएस) 1,093 रुपये है मगर वह उससे करीब 21.5 गुना पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह अगले वित्त वर्ष के 1,294 रुपये के ईपीएस से वह 19 गुना अधिक है। स्मॉल और मिडकैप श्रेणी के अधिकतर शेयरों का मूल्यांकन अधिक हो चुका है।

इसलिए मध्यावधि से दीर्घावधि तक भारतीय शेयर बाजार की स्थिति लगभग स्थिर बनी रहेगी। दमदार जीडीपी वृद्धि, नए निवेशकों के आने, देसी म्युचुअल फंडों द्वारा अधिक निवेश किए जाने और जीएसटी एवं प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होने से बाजार में निवेशकों का भरोसा बना रहेगा।’

इस बीच चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में करीब 37 मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बाजार मूल्य में दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इनमें वारी रीन्यूएबल टेक्नोलॉजिज के शेयर में 397 फीसदी उछाल आई और शक्ति पंप्स, कोचीन शिपयार्ड तथा ट्रांसफॉर्मर्स ऐंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) के शेयर में 210 फीसदी से 260 फीसदी तक बढ़त रही।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार मूल्यांकन की चिंता के बाद भी निकट भविष्य में बाजार में तेजी रह सकती है। उन्हें लगता है कि अब तेजी को बैंकिंग एवं दूरसंचार जैसे क्षेत्रों के लार्जकैप शेयरों से गति मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘हाल में रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी तेजी दिखी है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कुछ बड़े विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली कर सकते हैं, जिससे तेजी पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग सकता है। इसलिए जब तक बाजार को देसी नकदी प्रवाह का सहारा मिलता रहेगा तब तक किसी बड़ी गिरावट की गुंजाइश कम होगी।’

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देसी संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही के दौरान भारतीय शेयर बाजार में 2.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। डीआईआई का निवेश कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही के मुकाबले करीब तीन गुना रहा।

पिछले साल पहली छमाही में डीआईआई ने शेयर बाजार में 86,568 करोड़ रुपये का निवेश किया। मगर इस बार की छमाही में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) 4,557 करोड़ रुपये की बिकवाली के साथ शुद्ध विकवाल रहे।

First Published - June 28, 2024 | 10:30 PM IST

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