प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को डायरेक्ट सेलिंग कंपनी एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज की 758 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति जब्त कर ली। एजेंसी की तरक से धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में यह किया गया, जिससे पता चला कि एमवे डायरेक्ट सेलिंग मल्टी-लेवल मार्केटिंग नेटवर्क की आड़ में पिरामिड फ्रॉड का परिचालन कर रही है। निदेशालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। निदेशालय ने कहा कि कंपनी मल्टी लेवल मार्केटिंग घोटाले की आरोपी है।
एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने अपने कारोबारी परिचालन से 2002-03 व 2021-22 के बीच 27,562 करोड़ रुपये इकट्ठा किए। इसमें से कमीशन के तौर पर भारत व अमेरिका में वितरकों व सदस्यों को इस दौरान 7,588 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
जब्त परिसंपत्तियों में डिंडिगुल जिले (तमिलनाडु) में एमवे की जमीन व फैक्टरी के अलावा प्लांट व मशीनरी, वाहन, बैंक खाते और सावधि जमाएं शामिल हैं।
ईडी ने एमवे की 411.83 करोड़ रुपये की चल-अचल परिसंपत्तियां और 36 बैंक खातों में जमा शेष 345.94 करोड़ रुपये जब्त की।
जांच से खुलासा हुआ कि एमवे 1996-97 व 2020-21 के बीच शेयर पूंजी के तौर पर 21.39 करोड़ रुपये लेकर आई थी और लाभांश, रॉयल्टी व अन्य भुगतान के तौर पर निवेशकों व मूल इकाइयों को कंपनी ने 2,859.10 करोड़ रुपये प्रेषित किए।
आरोपों पर टिप्पणी करते हुए एमवे के प्रवक्ता ने कहा, ईडी के कदम साल 2011 से हुई जांच से जुड़े हैं और तब से हम विभाग के साथ सहयोग कर रहे हैं और समय-समय पर मांगी गई हर सूचना मुहैया कराई है।
इसमें कहा गया है, हम सरकारी अधिकारियों व कानूनी अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं ताकि मामलों का उचित, कानूनी व तार्किक निष्कर्ष निकले। चूंकि मामला विचाराधीन है और हम इस पर आगे और टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। हमारे कारोबार की भ्रामक छवि को लेकर हम आपसे सतर्कता बरतने को कह रहे हैं, जो देश के 5.5 लाख से ज्यादा डायरेक्ट सेलर्स की जीविका को प्रभावित करता है।
ब्रिट वल्र्डवाइड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और नेटवर्क ट्वन्टी वन प्राइवेट लिमिटेड भी एजेंसी के घेरे में आ गई हैं। वे एमवे को प्रशिक्षण सेवाएं व उत्पाद मुहैया कराती हैं।
निदेशालय ने कहा, चेन सिस्टम में सदस्यों को जोड़कर सामान बेचने की आड़ में संयुक्त सदस्यों के लिए सेमिनार का आयोजन कर एमवे ने पिरामिड स्कीम को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। प्रवर्तक बड़े आयोजन कर रहे हैं और अपनी शान शौकत वाली जीवन शैली का नजारा दिखा रहे हैं। इन्होंने निवेशकों को रिझाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।