दिग्गज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉम्र्स के शेयरों में अप्रत्याशित गिरावट से बहुत से देसी निवेशक अचंभित हैं। इससे लोकप्रिय तकनीकी क्षेत्र में निवेश के जोखिम भी सामने आए हैं।
प्राइम एमएफ डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय म्युचुअल फंडों का मेटा में 1,900 करोड़ रुपये का निवेश है। उद्योग के भागीदारों का कहना है कि बहुत सी योजनाओं ने नैस्डैक 100 और एनवाईएसई फैंग जैसे सूचकांकों में मेटा के अधिक भारांश को मद्देनजर रखते हुए अपने कोष का अहम हिस्सा निवेश किया है। विदेशी शेयरों में सीधे निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों का भी 100 से 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश हो सकता है।
भारतीयों को अमेरिका में सूचीबद्ध शेयरों की खरीदारी की सुविधा मुहैया कराने वाले प्लेटफॉर्म स्टॉकल के सह-संस्थापक और सह-सीईओ सीताश्व श्रीवास्तव ने कहा कि फेसबुक देसी निवेशकों के 15 पसंदीदा शेयरों में से एक है। पहली बार विश्व में ग्राहक गंवाने से कंपनी की आमदनी बाजार के अनुमानों के मुताबिक नहीं रही, जिससे मेटा के शेयरों में अब तक की सर्वोच्च 26 फीसदी गिरावट दर्ज की गई।
मेटा के मुख्य कार्याधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी को शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक से प्रतिस्पर्धा में दिक्कतें आ रही हैं। भारत में इस समय टिकटॉक पर रोक है। मेटा के शेयर की कीमत में गिरावट से तकनीक आधारित नैस्डैक सूचकांक में 3.7 फीसदी गिरावट आई है। इससे अन्य सोशल मीडिया और तकनीकी शेयर भी फिसले हैं, जिससे इस साल का कमजोर प्रदर्शन और विकट बना है। भारी बिकवाली ऐसे समय हुई है, जब भारत में विदेशी शेयरों, खास तौर पर नए दौर की तकनीकी कंपनियों में निवेश का रुझान बढ़ा है। बहतु सी फंड कंपनियों ने तकनीक और नए दौर की कंपनियों पर आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) शुरू किए हैं। विदेशी परिसंपत्तियों में 7 अरब डॉलर की निवेश सीमा लगभग पूरी होने पर हाल में बाजार नियामक सेबी ने फंड कंपनियों को उन योजनाओं में नया निवेश बंद करने का निर्देश दिया था, जो विदेशी परिसंपत्तियों में निवेश करती हैं।
घरेलू योजनाओं में पराग पारीख फ्लेक्सीकैप फंड का करीब 1,194.90 करोड़ रुपये का निवेश है, जो उसके कुल कोष का करीब 6 फीसदी है। मोतीलाल ओसवाल नैस्डैक 100 और मिरे एसेट का निवेश क्रमश: 303 करोड रुपये और 132 करोड़ रुपये है। ये आंकड़े दिसंबर 2021 के हैं। नए आंकड़े प्राप्त नहीं किए जा सकते क्योंकि ऐसी घोषणाएं केवल मासिक आधार पर की जाती हैं।
इस समय 15 ऐसी योजनाएं हैं, जिनका मेटा में निवेश है। इनमें इंडेक्स फंड, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और एक्टिव फंड शामिल हैं। उद्योग के भागीदारों का कहना है कि इक्विटी परिसंपत्तियों में कुल निवेश 13 लाख करोड़ रुपये है, जिसे देखते हुए मेटा में निवेश बहुत मामूली है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के रुख के बीच नैस्डैक सूचकांक इस साल अब तक 12 फीसदी लुढ़क चुका है। संपत्ति प्रबंधक इसे लघु अवधि का दौर मानते हैं।
ट्रू बीकन और जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि यह गिरावट कंपनी की अप्रत्याशित वृद्धि का स्वाभाविक नतीजा है। प्लेटफॉर्म से लगातार एक ही रफ्तार से ग्राहक हासिल करने की उम्मीद करना ठीक नहीं है। भारत ग्राहकों की संख्या के लिहाज से फेसबुक का सबसे बड़ा बाजार है, इसलिए यह साफ है कि वैश्विक बाजार के रुझान में भारत कैसे एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।’