निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि सरकार की एसयूयूटीआई के माध्यम से आईटीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोई योजना नहीं है।
ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (बीएटी) की कोलकाता की दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करने की घोषणा के बीच उन्होंने यह बात कही।
स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एसयूयूटीआई) के पास 31 दिसंबर, 2023 की स्थिति के अनुसार विभिन्न कारोबार क्षेत्र से जुड़े समूह आईटीसी में लगभग 7.82 फीसदी हिस्सेदारी थी।
पांडेय ने कहा, ‘फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है।’ एसयूयूटीआई ने आखिरी बार फरवरी, 2017 में आईटीसी में हिस्सेदारी कम की थी। उस समय दो फीसदी इक्विटी शेयर थोक सौदे के माध्यम से 291.95 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए थे।
ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको पीएलसी एक बयान में कहा था कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी टोबैको मैन्युफैक्चरर्स (इंडिया) लि. (टीएमआई) की संस्थागत निवेशकों को विविध कारोबार से जुड़ी भारतीय इकाई में 43,68,51,457 शेयर बेचने की योजना है। कंपनी ने कहा कि वह राशि का उपयोग बीएटी शेयरों की पुनर्खरीद के लिए करेगी।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक सौदा लंबे समय में आईटीसी शेयरधारकों के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि इससे शेयरों की आपूर्ति बढ़ेगी।