facebookmetapixel
Advertisement
कहीं आपका LPG नंबर पुराना तो नहीं? एक गलती से रुक सकती हैं गैस से जुड़ी जरूरी सेवाएंईंधन कीमतों की सीमित बढ़ोतरी घरेलू बजट पर बहुत बड़ा असर नहीं डालेगी: ICRAसोलर सेक्टर में धमाका! इनॉक्स क्लीन एनर्जी ने अमेरिकी कंपनी से 3 गीगावॉट क्षमता हासिल कर बढ़ाया ग्लोबल दबदबामुनाफे पर दबाव के बीच एयरटेल की नई रणनीति, एआरपीयू बढ़ाने की तैयारीSUV और EV की मजबूत डिमांड से चमकी Tata Motors PV, ब्रोकरेज को शेयर में 39% तक तेजी की उम्मीदसंजय कपूर की संपत्ति विवाद में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड मीटिंग रोकने से किया इनकारअब हर यूजर बनेगा क्रिएटर! Myntra का नया फीचर बदल देगा ऑनलाइन शॉपिंग का तरीकाNEET-UG 2026 री-एग्जाम डेट फाइनल! पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को होगी परीक्षा; 14 जून तक आएंगे एडमिट कार्ड5G और टैरिफ बढ़ोतरी से Airtel की कमाई बढ़ने की उम्मीद, 33% तक तेजी का अनुमानमहाराष्ट्र में बनेगा ऊर्जा का नया गेमचेंजर! न्यू एरा क्लीनटेक लगाएगी 3 अरब डॉलर, कोयले से बनेगा गैस फ्यूल

दांव के लिए देसी क्षेत्रों को तरजीह

Advertisement

दवा उत्पाद और ऊर्जा निर्यात (जिनका सामूहिक रूप से कारोबार करीब 9 अरब डॉलर का है) को नए टैरिफ ढांचे से छूट दी गई है।

Last Updated- April 03, 2025 | 11:21 PM IST

वैश्विक स्तर पर बिकवाली के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सतर्कता का रुख रहा, क्योंकि निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की जवाबी टैरिफ के प्रभाव को लेकर चिंतित थे, जिससे विश्व व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को खतरा है।

इस पृष्ठभूमि में विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को घरेलू-उन्मुख रक्षात्मक क्षेत्रों की ओर मोड़ें, जिससे उन्हें स्थिरता प्रदान करने और भू-राजनीतिक और टैरिफ जोखिमों से बचाने में मदद मिलेगी।

ऐसे में नोमुरा रिसर्च दूरसंचार, स्टेपल, खाद्य, पेय पदार्थ और अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देता है। ब्रोकरेज के अनुसार, इनके अलावा बैंक और वित्तीय क्षेत्र भी अच्छे विकल्प हैं क्योंकि व्यापार तनाव से उन पर कम असर पड़ेगा।

बाजार खुलने के दौरान करीब 1 फीसदी की गिरावट के बाद प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में मामूली गिरावट आई। इसके बाद बाजार में सुधार हुआ क्योंकि बर्नस्टीन रिसर्च जैसी ब्रोकरेज कंपनियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अमेरिका द्वारा रातों-रात लगाए गए टैरिफ चुनौतियों से सुरक्षित रूप से निपट लेगा। ब्रोकरेज कंपनियों ने यह भी कहा कि भारत को चीन के नुकसान से भी लाभ हो सकता है, जिससे लंबे समय में विदेशी निवेश की उम्मीद जगी है।

दवा उत्पाद और ऊर्जा निर्यात (जिनका सामूहिक रूप से कारोबार करीब 9 अरब डॉलर का है) को नए टैरिफ ढांचे से छूट दी गई है। तांबा, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, लकड़ी, सोना, चांदी और कुछ ऊर्जा उत्पाद और खनिज आयात शुल्क से मुक्त हैं।

बर्नस्टीन के विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक टैरिफ की पृष्ठभूमि में परिधान और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों की किस्मत पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण से सुरक्षित है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जोखिम कमजोर अमेरिकी अर्थव्यवस्था से उत्पन्न होता है, जिसमें मंदी की संभावना है।

एक रणनीति के रूप में बर्नस्टीन ने स्वास्थ्य सेवा को इसके सीमित प्रभाव को देखते हुए इक्वल वेट में अपग्रेड किया है, और अमेरिकी मंदी के जोखिम के बढ़ने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र को डाउनग्रेड कर इक्वल वेट में घटा दिया है, जो पहले इससे ऊपर के ग्रेड में था।
ऐक्सिस सिक्योरिटीज के तकनीकी शोध प्रमुख राजेश पालवीय के अनुसार, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है। वह नकदी आवंटन को 10 फीसदी तक बढ़ाने और बाजार में गिरावट का उपयोग व्यवस्थित रूप से उच्च गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश बढ़ाने के लिए करने की सलाह देते हैं।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों, दूरसंचार, खपत, अस्पतालों और ब्याज दर प्रॉक्सी पर ओवरवेट बनी हुई है। उन्होंने कहा, इसके अतिरिक्त हाल ही में कीमत में गिरावट के बाद चुनिंदा पूंजीगत व्यय-संचालित दांव अपने दीर्घकालिक घरेलू विकास संभावनाओं के कारण आकर्षक प्रतीत होते हैं। इसके विपरीत, हम आईटी क्षेत्र पर डाउनग्रेड रुख बरकरार रखे हुए हैं क्योंकि हम अमेरिका में विवेकाधीन आईटी खर्च में निरंतर कमजोरी की आशंका है।

नुवामा के कपिल गुप्ता और प्रतीक पारेख ने भी ट्रंप टैरिफ के बाद रक्षात्मक शेयरों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को वैश्विक जोखिम के लिए तैयार रहना चाहिए। ब्रोकरेज निजी बैंकों और बीमा जैसे उचित मूल्यांकन और कम मार्जिन वाले चक्रीय शेयरों पर ओवरवेट है। उपभोक्ता, दूरसंचार और फार्मा नुवामा के अन्य पसंदीदा क्षेत्र हैं।

नुवामा को सीमेंट, रसायन और क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) क्षेत्रों में कम मार्जिन वाले चक्रीय क्षेत्र भी पसंद हैं। हालांकि, ब्रोकरेज औद्योगिक, धातु और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) जैसे चक्रीय क्षेत्रों पर अंडरवेट है। इसने उच्च सापेक्ष मूल्यांकन को देखते हुए आईटी को भी डाउनग्रेड कर दिया है।

ट्रंप प्रशासन ने उन देशों पर जवाबी रूप से उच्च टैरिफ लगाए जिनके साथ अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा है और सभी व्यापारिक देशों पर 10 फीसदी का आधार टैरिफ लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत से आयात पर 27 फीसदी टैरिफ लगाया, जो यूरोपीय संघ पर 20 फीसदी, जापान पर 24 फीसदी और दक्षिण कोरिया पर लगाए गए 25 फीसदी शुल्क से अधिक है। इस बीच, चीन को बड़ा झटका लगा, जिसमें कई वस्तुओं पर कम से कम 54 फीसदी टैरिफ लगाया गया।

Advertisement
First Published - April 3, 2025 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement