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नई ऊंचाई पर BSE मिडकैप इंडेक्स

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BSE MidCap Index: बाजार के विश्लेषकों को आगामी महीनों में इस इंडेक्स में और बढ़ोतरी नजर आ रही है'

Last Updated- April 03, 2024 | 10:06 PM IST
BSE gets Sebi approval for derivatives on BSE Focused Midcap index

बिजली, दवा और टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियों में मजबूत उछाल के बाद एसऐंडपी बीएसई मिडकैप इंडेक्स बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान करीब 1 फीसदी चढ़कर 40,701.16 की नई ऊंचाई को छू गया। एसऐंडपी बीएसई मिडकैप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज हुई और इस अवधि में कुल बढ़ोतरी 3.5 फीसदी रही।

मंगलवार को इंडेक्स ने 8 फरवरी, 2024 के अपने पिछले उच्चस्तर 40,282.49 को पार कर लिया था। बुधवार की बढ़त के साथ बीएसई पर मिडकैप इंडेक्स मार्च के अपने निचले स्तर से करीब 10 फीसदी उछला है।

सीएनआई रिसर्च के प्रबंध निदेशक किशोर ओस्तवाल ने कहा, ‘मार्च में हुई बिकवाली अनुमान के मुताबिक थी। वित्त वर्ष की समाप्ति के आसपास बाजारों में कुछ मुनाफावसूली सामान्य होती है। मुझे लगता है कि मिडकैप व स्मॉलकैप के लिए बुरे दिन पीछे रह गए हैं और निवेशक इन दोनों सेगमेंट में शेयरों का चयन करना शुरू कर सकते हैं।’

सेल, बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग कंपनी, टाटा कम्युनिकेशंस, जीएमडीसी और शिवम ऑटोटेक मिडकैप व स्मॉलकैप में कुछ पसंदीदा शेयर हैं, जहां निवेशक निवेश बनाए रख सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल की समाप्ति पर मुनाफावसूली के अलावा व्यापक बाजारों के मनोबल पर मिडकैप व स्मॉलकैप में बुलबुले/अत्यधिक मूल्यांकन को लेकर सेबी के सतर्कता वाले बयान का भी असर पड़ा था।

इस बीच, लॉरस लैब्स, इंडियन रीन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (इरेडा), पेट्रोनेट एलएनजी, टाटा एलेक्सी, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, टाटा टेक्नोलॉजिज और शेफलर इंडिया में मार्च के निचले स्तर से 5 से 8 फीसदी तक की तेजी आई है।

वैयक्तिक शेयरों की बात करें तो लॉरस लैब्स ने बुधवार को 52 हफ्ते के उच्चस्तर 448 रुपये को छू लिया क्योंकि आय में सुधार के अनुमान से उसमें 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। दिसंबर तिमाही की आय घोषणा के समय प्रबंधन ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि तीसरी तिमाही के नरम प्रदर्शन में सुधार होगा क्योंकि उसका ऑर्डर बुक ठीक-ठाक है और चौथी तिमाही और उससे आगे मजबूती के साथ वाणिज्यिक क्रियान्वयन होगा।

इरेडा का शेयर लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट की चपेट में आया और यह 5 फीसदी चढ़कर 157.20 रुपये पर रहा, जिसकी वजह वित्त वर्ष 2023-24 में कर्ज में रिकॉर्ड वृद्धि थी। सोमवार को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंजों को भेजी सूचना में इरेडा ने कहा था कि उसने वित्त वर्ष 24 में रिकॉर्ड 37,354 करोड़ रुपये का कर्ज आ‍वंटित किया, वहीं कर्ज वितरण 25,089 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही कुल लोनबुक अब 59,650 करोड़ रुपये की है, जो 26.71 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्शाता है।

टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र से वोल्टास और व्हर्लपुल ऑफ इंडिया में 3 फीसदी व 5 फीसदी की तेजी आई क्योंकि भारतीय मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अप्रैल के दौरान मध्य भारत में काफी गर्मी पड़ने की आशंका है। शेयरखान के विश्लेषकों को उम्मीद है कि व्यापक बाजारों में बढ़ोतरी कुछ और समय जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निफ्टी-50 इंडेक्स हाल में नई ऊंचाई पर पहुंचा है और व्यापक बाजार भी इसी राह पर चल सकते हैं।

उनका मानना है कि मार्च 2024 की तिमाही में इन दोनों सेगमेंट की कंपनियों की आय बेहतर रहने की संभावना है और इससे कुछ और समय ये शेयर आगे बढ़ना जारी रख सकते हैं। शेयरखान बाइ बीएनपी पारिबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पूंजी बाजार रणनीति व निवेश प्रमुख गौरव दुआ ने कहा, मोटे तौर पर व्यापक बाजारों की तेजी 16 से 22 महीने तक रहती है। अभी यह रुख करीब 17 महीने तक रहा है। ऐसे में 22 महीने की ऊपरी सीमा से हम अभी कुछ दूर हैं।

व्यापक बाजारों में तेजी अभी 4 से 6 महीने और रह सकती है। वैश्विक संकेतक भी सहारा देने वाले हैं। मिडकैप व स्मॉलकैप में तेजी के आखिरी चरण में हमें चयनात्मक रुख अपनाना चाहिए। ऐतिहासिक तौर पर लंबी तेजी के बाद इन दोनों सूचकांकों में गिरावट 30 से 35 फीसदी तक रही है।

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First Published - April 3, 2024 | 10:06 PM IST

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