facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

बाजारों में महीने की सबसे बड़ी गिरावट

Advertisement

दिग्गजों में फिसलन, अहम आंकड़ों से पहले घबराहट ने सूचकांकों को नीचे खींचा

Last Updated- March 11, 2024 | 11:07 PM IST
Stock market

बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज शेयरों में गिरावट और इस हफ्ते जारी होने वाले अहम आंकड़ों से पहले घबराहट के बीच भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सोमवार को टूट गए। इस हफ्ते अमेरिका व भारत में महंगाई के आंकड़े जारी होने वाले हैं। बीएसई सेंसेक्स 617 अंक टूटकर 73,503 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 161 अंकों की गिरावट के साथ 22,333 पर टिका।

दोनों सूचकांकों के लिए 28 फरवरी के बाद यह सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में कमजोरी जारी रही और यह 2 फीसदी टूटा जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4 फीसदी की गिरावट आई।

1.3 फीसदी टूटने वाले एचडीएफसी बैंक ने सेंसेक्स की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान किया। एचडीएफसी बैंक के शेयर में गिरावट कुछ विश्लेषकों की तरफ से इस शेयर की लक्षित कीमत में कमी किए जाने के बाद आई है। विश्लेषकों ने इसके लिए मध्य अवधि के जोखिम और शुद्ध ब्याज मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार का हवाला दिया है।

भारत और अमेरिका में मंगलवार को जारी होने वाले महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क नजर आए। इक्विटी बाजार इस पर दांव लगा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व मौद्रिक नीति को आसान बनाने की ओर बढ़ रहा है।

निवेशक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे क्योंकि फेडरल रिजर्व की मार्च बैठक से पहले यह अहम आर्थिक आंकड़ा होगा। अनुमान से मजबूत आंकड़े बाजार के सेंटिमेंट पर चोट पहुंचाएंगे। कीमतों में नरमी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ाएगी।

पिछले हफ्ते फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जीरोम पॉवेल ने सीनेट से कहा था कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अभी ब्याज कटौती के लिए तैयार नहीं है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक की चेयरमैन क्रिस्टिना लेगार्ड ने भी कहा है कि ब्याज दरों में कटौती इस साल जून में शुरू होगी।

आईपीओ की अनिश्चितता के बीच टूटे टाटा समूह के शेयर

टाटा समूह की कंपनियों के शेयर सोमवार को उसकी होल्डिंग कंपनी टाटा संस के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम को लेकर अनिश्चितता के बीच टूट गए। तीन को छोड़कर टाटा समूह के सभी फर्मों के शेयरों में गिरावट आई और समूह के बाजार पूंजीकरण में 27,385 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

टाटा केमिकल्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और सोमवार के सत्र में यह 10.6 फीसदी टूटा। ज्यादा टूटने वाले समूह की अन्य कंपनियों के शेयरों में ऑटोमोबाइल कॉरपोरेशन ऑफ गोवा (8.3 फीसदी की गिरावट) और रैलिस इंडिया (5.1 फीसदी) शामिल हैं।

Advertisement
First Published - March 11, 2024 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement