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एनबीएफसी से14,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदेंगे बैंक

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:49 AM IST

सरकारी बैंकों ने गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) से 14,667 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड और वाणिज्यिक पत्रों की खरीद की सहमति दे दी है। यह मंजूरी आंशिक ऋण गारंटी योजना के तहत दी गई है। 
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा 10 जुलाई तक 67 एनबीएफसी से 14,667 करोड़ रुपये की कुल खरीद में से 46 फीसदी यानी 6,845 करोड़ रुपये एए रेटिंग से कम के बॉन्डों और वाणिज्यिक पत्रों के लिए है। बुधवार को वित्त मंत्रालय के एक वक्तव्य में कहा गया कि योजना कम रेटिंग वाले बॉन्डों के साथ एनबीएफसी को तरलता समर्थन मुहैया कराने में मददगार साबित हुई है। 
अधिकांश मदद देश के दक्षिण और पश्चिम भाग से संबंधित एनबीएफसी को दी गई थी जो खरीदे गए बॉन्ड की कुल रकम का 70 फीसदी है।
मई में सरकार ने विस्तारित आंशिक ऋण गारंटी योजना को मंजूरी दी थी जो अगस्त 2019 से मौजूद थी। यह योजना एनबीएफसी की ओर से जारी एए और उससे कम रेटिंग (एक साल तक की परिपक्वता वाले बिना रेटिंग के पत्र सहित) वाले बॉन्डों या वाणिज्यिक पत्रों की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा खरीद पर पहले 20 फीसदी नुकसान की भरपाई के लिए है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि 6,125 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्डों और वाणिज्यिक पत्रों की खरीद के लिए बैंक एनबीएफसी के साथ आगे की बातचीत कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश (5,500 करोड़ रुपये मूल्य के पत्र) कम रेटिंग वाले पत्र हैं। सॉवरिन गारंटी एक बार के लिए होगी और बैंक 31 मार्च, 2021 तक इसका लाभ ले सकते हैं।

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First Published - July 16, 2020 | 12:05 AM IST

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