Adani stocks: देसी बाजार में सोमवार को अदाणी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों की भारी मांग रही। BSE पर शुरुआती कारोबार में अदाणी ग्रुप के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।
हालांकि इंट्रा-डे ट्रेड के अंत में, अदाणी एंटरप्राइजेज (5.86 प्रतिशत बढ़कर 3064.20 रुपये), अदाणी पावर (5 प्रतिशत बढ़कर 569.60 रुपये), अदाणी पोर्ट्स (APSEZ) (4.36 प्रतिशत बढ़कर 1196.60 रुपये), अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (3.50 प्रतिशत बढ़कर 1097.40 रुपये), अदाणी टोटल गैस (3.22 प्रतिशत बढ़कर 1035.65 रुपये), अदाणी ग्रीन एनर्जी (3.11 प्रतिशत बढ़कर 1716.20) और अंबुजा सीमेंट्स (2.36 प्रतिशत बढ़कर 573.75 रुपये) पर बंद हुआ।
इसकी तुलना में, S&P BSE सेंसेक्स 1.76 प्रतिशत बढ़कर 71,942 पर बंद हुआ।
अदाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी ब्रोकरेज कंपनी कैंटर फिट्जगेराल्ड (Cantor Fitzgerald) द्वारा ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज पर “ओवरवेट” रेटिंग और 4,368 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू करने के बाद आई है।
CNBC TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकरेज का मानना है कि भारत जो कुछ भी हासिल करना चाहता है, उसके मूल में अदाणी एंटरप्राइजेज है।
अदाणी एंटरप्राइजेज माइनिंग और सर्विस, संसाधन लॉजिस्टिक्स, सोलर मॉड्यूल और सेल विनिर्माण सहित नई ऊर्जा सप्लाई चैन, हवाई अड्डों और सड़कों जैसे परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवसाय, जल और डेटा केंद्रों जैसी यूटिलिटी, भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेल और खाद्य व्यवसायों में लगी हुई है।
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कंपनी डायरेक्ट टू कंज्यूमर बिजनेस पर अपना ध्यान बढ़ाने के अलावा, परिवहन तथा रसद और एनर्जी और यूटिलिटी सेक्टर में नए व्यवसाय स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक इनक्यूबेटर के रूप में काम करती है।
अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज (ANIL) की स्थापना एक इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन मैकेनिज्म के माध्यम से वैल्यू चैन में सबसे कम लागत वाली नवीकरणीय ऊर्जा और उत्पादों का उत्पादन करने के लिए एक व्यापक मंच बनाने और विकसित करने के लिए की गई थी।
कंपनी का लक्ष्य भारत को हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का लाभ उठाना है।
इस बीच, पिछले हफ्ते APSEZ ने जानकारी दी कि रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने उसकी निवेश ग्रेड रेटिंग ‘BBB-‘ की फिर से पुष्टि की है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने आउटलुक को ‘नकारात्मक’ से ‘स्थिर’ कर दिया है।
APSEZ ने 14 बंदरगाहों पर परिचालन के साथ भारतीय बंदरगाह उद्योग में अपनी प्रमुख स्थिति बनाए रखी है, जो FY23 (FY22: 23.7 प्रतिशत) में देश के कुल कार्गो वॉल्यूम का लगभग 23.5 प्रतिशत संभालती है।