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भारतीय सिनेमा बनी कमाई में ‘धुरंधर’; बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ₹13,397 करोड़, गुजराती और हिंदी फिल्मों ने मचाया धमाल

हिंदी और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों ने भी दमदार वापसी की। सबसे बड़ा कमाल तो गुजराती सिनेमा ने किया जिसने तीन गुना से अधिक कमाई की

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वनिता कोहली-खांडेकर   
Last Updated- January 14, 2026 | 10:45 PM IST

भारतीय सिनेमा के लिए साल 2025 धमाकेदार रहा। पिछले साल सिनेमा की बॉक्स ऑफिस कमाई 13,397 करोड़ रुपये रही जो 2024 की तुलना में 13 फीसदी अधिक है। टिकटों की बिक्री में थोड़ी कमी आई मगर टिकटों के दाम में 20 फीसदी की औसत बढ़ोतरी देखी गई जिससे कुल कमाई पर असर नहीं पड़ा।

हिंदी और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों ने भी दमदार वापसी की। सबसे बड़ा कमाल तो गुजराती सिनेमा ने किया जिसने तीन गुना से अधिक कमाई की। इससे भी अधिक हैरान करने वाली बात यह रही कि रजनीकांत की ‘कुली’ को छोड़कर शीर्ष 20 फिल्मों की फेहरिस्त में कोई भी तमिल या तेलुगु फिल्म जगह नहीं बना पाई।

कन्नड़ की सुपरहिट फिल्म ‘कांतारा ए लीजेंड- चैप्टर 1’ तीन मलयालम फिल्मों के साथ दक्षिण भारत को शीर्ष फिल्मों की फेहरिस्त में जगह दिलाने में सफल रही। ऑरमैक्स मीडिया की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट 2025 से ये आंकड़े मिले हैं। कंपनी ने यह रिपोर्ट खास तौर पर बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ साझा की है। हालांकि ये आंकड़े केवल बॉक्स ऑफिस पर होने वाली कमाई तक सीमित है।

अगर स्ट्रीमिंग, टीवी, संगीत और विदेशी बॉक्स ऑफिस से होने वाली कमाई भी जोड़ दें तो वर्ष 2025 में भारतीय फिल्म उद्योग की कमाई का आंकड़ा 21,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।

भारतीय फिल्मों ने टिकटों की बिक्री से 11,000-12,000 करोड़ रुपये कमाए। पिछले पांच वर्षों से फिल्म उद्योग की कमाई इससे नीचे रही थी। इस उपलब्धि का सेहरा बड़े पैमाने पर हिंदी और अंतरराष्ट्रीय (हॉलीवुड और एनिमेशन) के जोरदार प्रदर्शन को जाता है जो पिछले दो वर्षों से कुछ खास नहीं कर पा रही थीं। हिंदी फिल्में बनाने वाले स्टूडियो में नई फिल्में बनाने की ललक और इन्हें लेकर आत्मविश्वास दोनों का अभाव दिख रहा था।

ऑरमैक्स मीडिया के सीईओ शैलेश कपूर ने कहा,‘सैयारा के बाद बॉलीवुड उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया है। हिंदी फिल्में अब मजबूत स्थिति में आती दिख रही हैं। ‘धुरंधर पार्ट 2’ के मार्च में आने की उम्मीद ने उत्साह और बढ़ा दिया है।’ धुरंधर घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 950 करोड़ रुपये से अधिक झटक कर अब तक की सबसे बड़ी हिट फिल्म होने का सेहरा अपने नाम कर लिया है। कुल मिलाकर, इस फिल्म ने दुनिया भर में 1,300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।

‘छावा’, ‘वॉर 2’ भी अन्य सफलतम फिल्मों में रहीं। हॉलीवुड भी कोविड महामारी के बाद फिल्म निर्माण से जुड़ी बाधाओं और लेखकों की हड़ताल को दरकिनार करते हुए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। फिल्मों में विविधता एवं शैली को लेकर भी काफी संतुलन दिखा।

ऑरमैक्स मीडिया के सीईओ शैलेश कपूर ने उन शीर्ष 30 फिल्मों की तरफ इशारा किया जो एक्शन-ड्रामा (धुरंधर, कांतारा), रोमांटिक ड्रामा (सैयारा), पौराणिक कहानी (थामा), सामाजिक संदेश (सितारे जमीन पर) को ध्यान में रखते हुए बनाए गए । कपूर कहते हैं, ‘पहले यह मानना था कि कोविड महामारी के बाद दर्शक केवल बड़े पर्दे पर मारधाड़ वाली फिल्में देखने सिनेमाघरों में जाएंगे। मगर विभिन्न शैली वाली ये फिल्में साफ इशारा कर रही हैं कि बुनियादी तौर पर दर्शकों की पसंद नहीं बदली है।’

टिकटों की बिक्री में 6 फीसदी की कमी निराश करने वाली खबर रही जो 88.3 करोड़ से घटकर 83.2 करोड़ रह गई है। यह कमी उस बात की तरफ इशारा करती है जिसे कपूर ‘आदत से जुड़ा हुआ’ मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘जब ‘धुरंधर’ आई तो कई ऐसे लोग भी सिनेमाघरों तक गए या अब भी जा रहे हैं जो आम तौर पर फिल्में देखने नहीं जाते हैं।’

मगर इस बात का तमिल फिल्मों की टिकटों की बिक्री में 17 फीसदी गिरावट या तेलुगु फिल्मों की टिकटों की बिक्री 15 फीसदी कम रहने से कोई लेना-देना नहीं है। इन दोनों बाजारों में फिल्म देखने को लेकर काफी उत्साह रहता है। एक विश्लेषक ने कहा कि ‘ठग लाइफ’, ‘विदामुर्याची’ (तमिल) और ‘हरि हारा वीर मल्लू’ और ‘अखंडा 2’ (तेलुगु) जैसी बड़ी फिल्मों के अधिक नहीं चलने से टिकटों की बिक्री में कमी आई।

रिपोर्ट के अनुसार गुजराती और मलयाली से लेकर हॉलीवुड और हिंदी तक विभिन्न शैलियों में बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक कमाने वाली फिल्मों की संख्या बढ़कर 37 तक पहुंच गई। साल 2024 में ऐसी फिल्मों की संख्या 22 थी।

मलयाली फिल्मों ने अपनी कमाई 572 करोड़ से दोगुना बढ़ाकर 2024 में 1,165 करोड़ रुपये तक पहुंचा दी और यह 2025 में इसी आंकड़े के इर्द-गिर्द रही। यह आंकड़ा बड़ी बात है क्योंकि मलयाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर वर्षों से भी 500 करोड़ रुपये से कम कमा रही थीं। यह मोटे तौर यह उस बाजार की नायाब कहानी है जो अपनी विविधता तलाश रहा है और एक बड़े बाजार का शक्ल ले रहा है।

First Published : January 14, 2026 | 10:41 PM IST