facebookmetapixel
FPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्टCorporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेल

‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ पोर्टल पर तीन सप्ताह में 91 संस्थानों, 3,029 विशेषज्ञों ने रजिस्ट्रेशन कराया

Last Updated- June 09, 2023 | 3:23 PM IST
UGC

उच्च शिक्षण संस्थानों में पेशेवर विशेषज्ञों की ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में चयन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शुरू किये गए पोर्टल पर पहले तीन सप्ताह में 91 उच्च शिक्षण संस्थानों और 3,029 विशेषज्ञों ने पंजीकरण कराया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में पेशेवर विशेषज्ञों के चयन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 16 मई को एक पोर्टल की शुरूआत की थी।

UGC के ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ संबंधी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 91 उच्च शिक्षण संस्थानों और 3,029 विशेषज्ञों ने इस पर पंजीकरण कराया है। UGC ने इस संबंध में पिछले वर्ष एक नया पद ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ सृजित करते हुए उनकी सेवाएं लेने के लिये दिशानिर्देश जारी किए थे।

इसका मकसद देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद बड़ी संख्या में विशेषज्ञों के अनुभवों का लाभ उठाना था। इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया था कि विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षण संस्थान अब प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में नियुक्त कर सकते हैं। इस श्रेणी के लिये औपचारिक अकादमिक पात्रता और प्रकाशन संबंधी शर्तें बाध्यकारी नहीं होंगी।

इसके तहत उच्च शिक्षा संस्थान में स्वीकृत पदों में से 10 फीसदी तक ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ यानी विषय के विशेषज्ञों को नियुक्त करने की बात कही गई थी। UGC के अनुसार, ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के पद पर प्रारंभ में एक वर्ष के लिए भर्ती की जा सकेगी। इस पद पर सेवा की अधिकतम अवधि तीन वर्ष होगी। हालांकि अपवाद स्वरूप इस अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। लेकिन किसी भी परिस्थिति में यह अवधि चार वर्ष से अधिक नहीं होगी।

‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ को कई प्रकार से शामिल किया जा सकता है और इसके लिए उद्योगों से वित्तपोषण हो सकता है, उच्च शिक्षण संस्थान अपने संसाधनों से वित्त पोषण कर सकते हैं या ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ मानद रूप में हो सकते हैं।

‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ संबंधी पोर्टल पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के पंजीकरण कराने और अपना बायोडाटा डालने की व्यवस्था है। इस पर विभिन्न विश्वविद्यालय भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं और इसके माध्यम से जरूरत के अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ का चयन किया जा सकेगा।

First Published - June 9, 2023 | 3:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट