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एंटी-डंपिंग शुल्क के प्रावधानों पर अमल कठिन भी नहीं

Last Updated- December 10, 2022 | 11:21 PM IST

हाल ही में वित्त मंत्रालय ने एल्युमीनियम के रोल्ड उत्पादों और चीन से भारत में एल्युमीनियम फॉयल के आयात पर अस्थायी सेफगार्ड डयूटी यानी संरक्षण शुल्क लगाया है।
प्रोविजनल एंटी-डंपिंग शुल्क पूरी तरह तैयार या पूरी तरह से धागा आधारितस्पिन ड्रा यार्नफ्लैट यार्न और विशेष देशों से फ्लैक्स फैब्रिक के आयात पर भी लगाया गया है। भारत घरेलू उद्योगों को सुरक्षित बनाने के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क का इस्तेमाल कर रहे देशों में से एक है।
एंटी-डंपिंग कानून के तहत ‘उत्पादों की तरह’, ‘सामान्य कीमत’, ‘मैटेरियल इनजरी, घरेलू उद्योग’ आदि की परिभाषाएं बेहद व्यापक हैं। एंटी-डंपिंग शुल्क के प्रावधानों का आह्वान भी कठिन नहीं है। एंटी-डंपिंग शुल्क लगाए जाने के परिणामस्वरूप कई जांच गतिविधियों को अंजाम दिया गया। कई आपूर्तिकर्ताओं, खासकर चीन से, को ऐसी जांच में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया गया।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ एंटी-डंपिंग को शुल्क की अधिसूचना के बाद कुछ अपीलों का सामना करना पड़ा, लेकिन मुश्किल से ही शर्मनाक क्षणों का सामना करना पड़ा। इसके किसी भी फैसले या फैसला लेने की प्रक्रियाओं या अपील प्रक्रिया को विश्व व्यापार संगठन के समक्ष चुनौती नहीं दी गई। इनमें से कुछ अपीलें एंटी-डंपिंग को लेकर दोषी ठहराए जाने के लिए जिम्मेदार थीं।
सेफगार्ड शुल्क की जांच के दौरान भी कानून और प्रक्रियाओं का बारीकी से पालन किया गया है। लेकिन सेफगार्ड कार्रवाई काफी अलग है। सामान्य तौर पर इसका कारण यह है कि सेफगार्ड किसी आयातक की हिंसक मूल्य निर्धारण कार्य प्रणाली के खिलाफ घरेलू उद्योग को सुरक्षित बनाने की कार्रवाई नहीं है बल्कि यह आयात में बढ़ोतरी से घरेलू उद्योग को सुरक्षित बनाने की एक कार्रवाई है।
सेफगार्ड शुल्क विशिष्ट उत्पाद है (या होना चाहिए) जबकि एंटी-डंपिंग शुल्क निर्यातक विशेष है (या होना चाहिए)। सेफगार्ड शुल्क लगाए जाने को लेकर गंभीर क्षति से घरेलू क्षति के लिए कानून में और अधिक सख्त जिम्मेदारी निर्धारित की गई है जबकि एंटी-डंपिंग पर कानून में सिर्फ ‘मैटेरियल इनजरी’ से ‘डोमेस्टिक इनजरी’ के प्रमाण की मांग की गई है।
एंटी-डंपिंग कानून में घरेलू उद्योग को सिर्फ ‘डंपिंग’, ‘मैटेरियल इनजरी’ और ‘डंपिंग एवं मैटेरियल इनजरी के बीच प्रेरणार्थक संबंध’ स्थापित करने की जरूरत है जबकि सेफगार्ड डयूटी के मामले में, घरेलू उद्योग को न सिर्फ ‘आयात में बढ़ोतरी’, ‘सीरियस इनजरी’ और ‘आयात में बढ़ोतरी एवं सीरियस इनजरी के बीच प्रेरणार्थक संबंध’ बल्कि और और अधिक प्रतिस्पर्धी बनने के लिए एक विश्वसनीय योजना को पेश किए जाने की भी जरूरत है।
आसान शब्दों में कहें तो घरेलू उद्योग डंपिंग की किसी अनुचित व्यापार कार्य प्रणाली की दलील नहीं देता है बल्कि सिर्फ समय की ही वकालत करता है। नई प्रौद्योगिकी, वैकवर्ड या फॉर्वर्ड इंटिग्रेशन का चयन, विद्युत संयंत्र या कैप्टिव जेट्टी जैसे बेहतर ढांचे के निर्माण आदि सेफगार्ड के दायरे में है। सेफगार्ड शुल्क सामान्यतया एक सीमित अवधि के लिए होता है।
1995 और 2004 के बीच महज 15 अवसरों पर सेफगार्ड जांच शुरू की गई। इसमें जिन उत्पादों को शामिल किया गया, उनमें एसिटिलीन ब्लैक, कार्बन ब्लैक, फ्लेक्सीबल स्लैबस्टॉक, पोलीओल, हार्ड बोर्ड (हाई डेंसिटी फाइबर बोर्ड), प्रोपीलिन ग्लाइकोल, फेनोल, एसीटोन, सफेदपीला फास्फोरस, गामा फेरिक ऑक्साइड (जीएफओ) मैग्नेटिक आयरन ऑक्साइड (एमआईओ), मिथाइलेन क्लोराइड, एपिक्लोरोहाइड्रिन, वनस्पति तेल, औद्योगिक सिलाई मशीन की सुई, बिस्फेनोल ए (बीपीए) और टैपिओका स्टार्च।
यह थोड़ा आश्चर्यजनक है कि संरक्षण के कम पसंदीदा उपाय के तौर पर हाशिए पर चले जाने के बाद सेफगार्ड डयूटी अब फिर से दिखने लगी है।

First Published - April 6, 2009 | 1:03 PM IST

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