facebookmetapixel
Advertisement
अगले 7-8 साल में देश में शुरू होंगे 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट, हमें चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा: PM1 शेयर पर मिलेगा ₹500 का डिविडेंड! डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी का निवेशकों को बड़ा तोहफाकिसानों से बोले PM मोदी: दुनिया भर में पहुंचाएं भारतीय उत्पाद, मिलेट्स-मसालों को ग्लोबल ब्रांड बनाएंDividend Stocks: अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंड, निवेशकों के पास मोटी कमाई का मौका‘होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बनाने पर कर रहे काम’, ट्रंप के दावे से मची खलबली, ईरान ने किया खारिजभारतीय शेयर बाजार का 35 साल का सफर: हर्षद मेहता घोटाले से 2026 तक तेजी-मंदी की पूरी कहानीPM Modi Speech: आत्मनिर्भर भारत से वर्क कल्चर तक, PM बोले- अब देश को बदलनी होगी रफ्तारजनगणना 2027 में पहली बार जाति की गणना, 40 सवालों में आधार से बैंक खाते तक पूछी जाएगी जानकारी‘देश को दिमागी नक्सलियों से बचाना होगा, वो युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहे’, लालकिले से बोले PM मोदी‘1 करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंग’, लाल किले से PM का बड़ा ऐलान, कहा: आज जमाना डेटा सेंटर, AI, क्वॉंटम का

ऑक्सीजन में कमी पर अदालत सख्त

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 5:12 AM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से पूछा कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर आदेश की तामील नहीं करने के कारण उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए। अदालत ने कहा, ‘आप शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छिपा सकते हैं मगर हम ऐसा नहीं करेंगे। क्या आपको इन चीजों के बारे में पता नहीं है?’
अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही निर्देश दे चुका है और अब उच्च न्यायालय भी कह रहा है कि केंद्र को किसी भी तरह दिल्ली को तत्काल 700 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करनी होगी। पीठ ने कहा, ‘आप शहर का हिस्सा हैं और खुद हालात देख रहे हैं। क्या आप एकांतवास में रह रहे हैं।’
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के पीठ ने केंद्र की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मौजूदा चिकित्सकीय ढांचे को देखते हुए दिल्ली 700 टन चिकित्सकीय ऑक्सीजन की हकदार नहीं है। पीठ ने कहा कि वे हर दिन यह खौफनाक हकीकत देख रहे हैं कि लोगों को अस्पतालों में ऑक्सीजन या आईसीयू बेड नहीं मिल रहे हैं। गैस कम होने के कारण बेड की संख्या भी घटा दी गई है। अदालत ने केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस पर जवाब देने के लिए बुधवार को अदालत के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का 30 अप्रैल का विस्तृत आदेश दिखाता है कि अदालत ने केंद्र को 700 टन ऑक्सीजन मुहैया कराने का निर्देश दिया था, केवल 490 टन नहीं। पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही आदेश दे चुका है और अब उच्च न्यायालय भी कह रहा है कि जैसे भी हो केंद्र को हर दिन दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करनी होगी। पीठ ने कहा, ‘हमने आपसे कहा था कि हमारे जेहन में अवमानना अंतिम उपाय है, लेकिन यह हमारे जेहन में है और हमें यह अंतिम हथियार इस्तेमाल करने को मजबूर न करें। अब बहुत हो गया। इसे लेकर स्थिति स्पष्ट कीजिए। हम जवाब में न नहीं सुनना चाहते हैं। आपके पास 700 टन आपूर्ति के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं है।’

Advertisement
First Published - May 4, 2021 | 11:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement