सेबी चेयरमैन के लिए तीन सबसे आगे

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 5:11 AM IST

बाजार नियामक सेबी की अगुआई करने की होड़ एक बार फिर शुरू हो गई है क्योंकि मौजूदा चेयरमैन अजय त्यागी का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है।
माना जा रहा है कि भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) प्रमुख मधुसूदन साहू और सेबी की पूर्णकालिक सदस्य माधवी पुरी बुच इस मामले में काफी अग्रणी उम्मीदवार माने जा रहे हैं, जो त्यागी की जगह ले सकते हैं।
समझा जाता है कि उनके अलावा कंपनी मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास और वित्त व कंपनी मामलों के मंत्रालयों के कुछ अन्य अधिकारी भी इस दौड़ में शामिल हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इस बारे में जानकारी के लिए साहू और बुच को भेजे गए संदेश का जवाब नहीं मिला।
28 फरवरी को त्यागी का तीन साल का कार्यकाल खत्म होने से पहले फरवरी में सरकार ने इनमें से कुछ नामों को छांटा था। हालांकि कोविड-19 संकट के बीच त्यागी को छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया ताकि सेबी के कामकाज में निरंतरता बनी रहे।
सितंबर 2016 में भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड के चेयरमैन का पदभार संभालने से पहले साहू भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग में सदस्य थे। साहू के पास पूंजी बाजार का अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है और विगत में वह सेबी के पूर्णकालिक सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने अहम सुधार मसलन प्रतिभूतियोंं को डीमैट रूप में लाना (1995), नियामकीय ट्रिब्यूनल और डेरिवेटिव ट्रेडिंग आदि का खाका तैयार किया था और उसकी अगुआई की थी। उन्हें कुछ अहम फैसला देने का श्रेय भी दिया जाता है। विदेशी सूचीबद्धता का ढांचा जारी करने वाली समिति के वे मुखिया थे।
इस नियुक्ति पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह वाली दो सदस्यीय कैबिनेट नियुक्ति समिति लेगी। इस बारे में माह के आखिर में अधिसूचना जारी की जाएगी। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
इस बीच, अगर बुच चुनी जाती हैं तो वह सेबी की प्रमुख बनने वाली पहली महिला होंगी। बाजार नियामक के पास पूर्णकालिक सदस्य बनने वाली वह पहली महिला हैं, जिन्होंने मार्च 2017 में पद संभाला था। बुच ने आईसीआईसीआई बैंक से अपने करियर की शुरुआत की और फरवरी 2009 में वह उस बैंक की प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी बन गईं। साल 2011 में उन्होंने सिंगापुर के ग्रेटर पैसिफिक कैपिटल जॉइन किया। सेबी से जुडऩे से पहले वह शांघाई में न्यू डेवलपमेंट बैंक में काम कर रही थीं।
इस दौड़ में शामिल श्रीनिवास ने सरकार के दिवालिया सुधार को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।

First Published : July 6, 2020 | 11:48 PM IST