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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए राहत भरी खबर दी है। अब ट्रांसजेंडर सदस्य अपनी EPF रिकॉर्ड में नाम और जेंडर बदलने की प्रक्रिया आसानी से कर सकेंगे। EPFO ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र, जो राष्ट्रीय पोर्टल से जारी होता है, अब इस बदलाव के लिए मान्य दस्तावेज माना जाएगा।
नए सर्कुलर के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल से जारी पहचान प्रमाण पत्र EPF रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए जमा करना होगा। यह डॉक्यूमेंट 16 जनवरी 2025 को जारी हुए जॉइंट डिक्लेरेशन सर्कुलर के एनेक्सर-II में शामिल एक्सेप्टेबल डॉक्यूमेंट्स की सूची में शामिल है।
कौन-कौन से दस्तावेज स्वीकार होंगे
EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाम और जेंडर बदलने के लिए सदस्य निम्नलिखित में से कोई भी दस्तावेज जमा कर सकते हैं:
ट्रांसजेंडर पहचान कार्ड (राष्ट्रीय पोर्टल से जारी)
पासपोर्ट, जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र
ड्राइविंग लाइसेंस
केंद्र/राज्य सरकार या PSU द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र
बैंक द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र या पासबुक
स्कूल/कॉलेज प्रमाण पत्र, मार्कशीट या TC/SLC
पैन कार्ड / ई-पैन
राशन कार्ड / वोटर आईडी
पेंशनर फोटो कार्ड, CGHS / ECHS कार्ड
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY) कार्ड
SC/ST/OBC प्रमाण पत्र (फोटो के साथ)
सिंपल और आसान प्रोसेस
EPFO ने जॉइंट डिक्लेरेशन प्रक्रिया को तीन कैटेगरी में बांटा है, ताकि प्रोफाइल अपडेट करना आसान हो सके।
जिन सदस्यों का UAN आधार से लिंक है और 1 अक्टूबर, 2017 के बाद जेनरेट हुआ है।
जिनका UAN 1 अक्टूबर, 2017 से पहले जेनरेट हुआ, लेकिन नाम, जन्मतिथि, लिंग और आधार वेरिफाइड हैं।
जिनके पास UAN नहीं है, UAN आधार से वेरिफाइड नहीं है, या मृत सदस्य।
दस्तावेज़ डिजिलॉकर के माध्यम से या एक सिंगल PDF फाइल के रूप में अपलोड किए जा सकते हैं। वेरिफिकेशन और अप्रूवल का स्तर सदस्य की कैटेगरी पर निर्भर करेगा।
EPFO की इस पहल से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए प्रक्रिया अब आसान और समय बचाने वाली बन गई है, जिससे उन्हें अपनी पहचान सही तरीके से अपडेट करने में सुविधा होगी।