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₹12 लाख करोड़ का ऑर्डर बूम! BHEL, Hitachi समेत इन 4 Power Stocks को ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिक

नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक Q3 FY26 में इंडस्ट्रीयल सेक्टर में कामकाज तेज होगा, HV T&D रहेगा ग्रोथ का सबसे बड़ा सहारा

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- January 12, 2026 | 11:32 AM IST

Power Stocks: चालू तिमाही में इंडस्ट्रीयल सेक्टर में काम फिर से तेज होने की उम्मीद है। पिछली तिमाही में ज्यादा बारिश होने से कई काम रुक गए थे, लेकिन अब वह दिक्कत खत्म हो रही है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से Q3 FY26 में करीब 17 फीसदी की अच्छी बढ़त हो सकती है। कंपनियों के पास काम के ऑर्डर भी बढ़ रहे हैं और कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹12 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है। बिजली बनाने वाले प्लांट, रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली की लाइनें बिछाने वाले कामों में नए ऑर्डर ज्यादा मिल रहे हैं। इसके अलावा डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, चिप बनाने और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने से भी मांग बढ़ रही है।

HV T&D बना रहेगा ग्रोथ का सबसे बड़ा सहारा

हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, यानी HV T&D सेक्टर, इस तिमाही में सबसे तेज बढ़ने वाला सेक्टर बना रहेगा। इस सेक्टर में नए काम के ऑर्डर करीब 44 फीसदी बढ़ सकते हैं और कामकाज भी लगभग 27 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बिजली की लाइनें बिछाने और बिजली ग्रिड की समस्याएं दूर करने के लिए सरकार तेजी से काम दे रही है। पिछली तिमाही में ज्यादा बारिश की वजह से साइट पर काम और सामान की सप्लाई रुक गई थी, लेकिन अब हालात ठीक हो रहे हैं। इससे काम फिर तेज होगा और कंपनियों की कमाई भी बेहतर होगी।

चीन से जुड़े टेंडर नियमों पर अभी साफ तस्वीर नहीं

कुछ खबरों में यह कहा जा रहा है कि सरकार चीनी कंपनियों को सरकारी टेंडर में हिस्सा लेने की छूट दे सकती है, लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। रिपोर्ट का मानना है कि अगर कोई राहत मिलती भी है, तो वह केवल छोटे और कम अहम सामानों तक सीमित होगी। बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों की एंट्री की संभावना कम है। ऐसी सीमित छूट से सप्लाई की दिक्कत कुछ हद तक कम हो सकती है और भारतीय कंपनियां अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग काम पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगी।

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नॉन-पावर इंडस्ट्रीयल सेक्टर में निजी निवेश अब भी कमजोर

पावर सेक्टर के अलावा बाकी इंडस्ट्रीयल कंपनियों की हालत अभी ज्यादा अच्छी नहीं है। निजी कंपनियां नया बड़ा निवेश अभी कम कर रही हैं। आने वाले 6 से 9 महीनों में भी ज्यादा निवेश होने की उम्मीद नहीं है। अभी पैसा सिर्फ कुछ ही जगहों पर लगाया जा रहा है, जैसे रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, चिप बनाने और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में। बाकी उद्योगों में निवेश धीमा है। अगर सरकार टैक्स कम करे, GST में सुधार करे, PLI योजना आगे बढ़ाए और ब्याज दरें घटें, तभी निजी निवेश बढ़ सकता है। फिलहाल ABB और Siemens जैसी कंपनियों को काम सीमित ही मिल सकता है, जबकि Thermax इस तिमाही में पहले की देरी की भरपाई कर सकती है।

EPC कंपनियों में मॉनसून के बाद सुधार

मॉनसून खत्म होने के बाद EPC कंपनियों के लिए हालात सुधर रहे हैं। साइट पर काम अब ठीक से चल रहा है, जिससे काम करने की रफ्तार बढ़ गई है। इसका फायदा इस तिमाही में कंपनियों को मिलेगा। KEC इंटरनेशनल और KPIL जैसी कंपनियां अपने बताए गए मुनाफे के दायरे में अच्छा काम कर सकती हैं। वहीं L&T के लिए भी साल 2026 में ऑर्डर 12 से 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। मिडिल ईस्ट से मिले बड़े ऑर्डर अब जमीन पर उतर सकते हैं और साल के दूसरे हिस्से में कंपनी की कमाई ठीक-ठाक रह सकती है।

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सेक्टर की पसंदीदा कंपनियां

रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर में जिन कंपनियों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया जा रहा है, उनमें GVTD, Hitachi Energy, BHEL और CG Power शामिल हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : January 12, 2026 | 11:32 AM IST