जीवन बीमा उद्योग के न्यू बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में नवंबर में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत वृद्धि हुई थी और दिसंबर में भी रफ्तार बरकरार रही। व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी के कारण पॉलिसियां ग्राहकों के बजट में आईं और जीवन बीमा उद्योग ने दिसंबर में न्यू बिजनेस प्रीमियम में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है।
चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2026) के दौरान यह बीमा उद्योग में सर्वाधिक वृद्धि दर है। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में जीवन बीमा उद्योग का एनबीपी 42,150.8 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें एक साल पहले के 30,218.71 करोड़ रुपये की तुलना में 39.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
सरकारी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रीमियम सालाना आधार पर 57.45 प्रतिशत बढ़कर 21,293.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के दौरान 13,523.9 करोड़ रुपये था।
बहरहाल निजी बीमा कर्ताओं का प्रीमियम सालाना आधार पर 24.93 प्रतिशत बढ़कर 20,856.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 16,694.85 करोड़ रुपये था।
एलआईसी का सबसे बड़ा सेग्मेंट- ग्रुप सिंगल प्रीमियम बिजनेस 75.9 प्रतिशत बढ़कर 14,730.93 करोड़ रुपये हो गया है, जो एक साल पहले 8,373.11 करोड़ रुपये था। व्यक्तिगत कारोबार से प्रीमियम 27.4 प्रतिशत बढ़कर 6,562.96 करोड़ रुपये हो गया है। निजी जीवन बीमाकर्ताओं का व्यक्तिगत कारोबार सालाना आधार पर 20.39 प्रतिशत बढ़कर 14,387.15 करोड़ रुपये, जबकि समूह बीमा 36.35 प्रतिशत बढ़कर 6,469.74 करोड़ रुपये हो गया है।
दिसंबर महीने में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम 19.4 प्रतिशत बढ़कर 6,336.96 करोड़ रुपये हो गया है। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम 14.55 प्रतिशत बढ़कर 3,108.4 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने 25.08 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की और सालाना आधार पर उसका प्रीमियम बढ़कर 1,945.23 करोड़ रुपये हो गया है।
मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम सालाना आधार पर 24.97 प्रतिशत बढ़कर 1,567.72 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा जीबन बीमा कंपनियों की पॉलिसी की बिक्री दिसंबर में सालाना आधार पर 35.44 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख हो गई है।