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Flipkart डील पर टाइगर ग्लोबल को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कैपिटल गेन टैक्स छूट से किया इनकार

शीर्ष अदालत ने कहा कि टैक्स अधिकारियों ने टाइगर ग्लोबल की उस अर्जी को खारिज किया, जिसमें उसने इस सौदे से होने वाले कैपिटल गेन टैक्स से छूट मांगी थी

Last Updated- January 15, 2026 | 4:53 PM IST
Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अमेरिकी निवेश फर्म टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) के खिलाफ फैसला सुनाते हुए फ्लिपकार्ट (Flipkart) में बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री पर टैक्स से जुड़े उसके दावे को खारिज कर दिया। यह जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि टैक्स अधिकारियों ने टाइगर ग्लोबल की उस अर्जी को खारिज किया, जिसमें उसने इस सौदे से होने वाले कैपिटल गेन टैक्स से छूट मांगी थी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2018 में वॉलमार्ट को फ्लिपकार्ट में अपनी हिस्सेदारी बेचने से जुड़ा था। इस सौदे की कीमत करीब 144.4 अरब रुपये (लगभग 1.6 अरब डॉलर) थी और यह उसी साल वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट के 16 अरब डॉलर के अधिग्रहण का हिस्सा था।

यह विवाद इस बात पर केंद्रित था कि टाइगर ग्लोबल ने अपने मुनाफे पर टैक्स से छूट पाने के लिए भारत-मॉरीशस टैक्स संधि का इस्तेमाल किया था। भारतीय टैक्स अधिकारियों का कहना था कि कंपनी ने इस संधि का गलत तरीके से सहारा लिया और उस पर भारत में टैक्स लगाया जाना चाहिए।

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भारत-मॉरीशस टैक्स संधि का नहीं मिला सहारा

टैक्स अधिकारियों का कहना था कि मॉरीशस स्थित संस्थाएं टाइगर ग्लोबल के अमेरिकी ऑपरेशन के लिए केवल माध्यम के रूप में कार्य करती थीं, जिसे निवेश फर्म ने लगातार नकार दिया। टाइगर ग्लोबल ने तर्क दिया कि संधि में इस प्रकार की छूट की अनुमति है और उसकी संरचना कानून के अनुरूप है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला तब सुना, जब भारतीय टैक्स अधिकारियों ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस पुराने फैसले को चुनौती दी, जो टाइगर ग्लोबल के पक्ष में गया था और जिसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई थी।

भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन रिटेल बाजार में अमेजन (Amazon) से प्रतिस्पर्धा करने वाली वॉलमार्ट ने अब तक इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।

First Published - January 15, 2026 | 4:48 PM IST

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