facebookmetapixel
RBI से बैंकों की गुहार: लोन ग्रोथ तेज, जमा सुस्त, लिक्विडिटी नियमों में ढील की मांगSEBI ने मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव रखाAMC Stocks में तेजी की गुंजाइश, ब्रोकरेज ने दिए 18–28% अपसाइड के टारगेट₹1,000 का लेवल टच करेगा ये Hotel Stock! मोतीलाल ओसवाल ने शुरू की कवरेज, 30% अपसाइड का टारगेटONGC, Oil India और BPCL क्यों बन रहे हैं ब्रोकरेज के फेवरेट? रिपोर्ट में 10% अपसाइड का संकेतInterest Rates: MPC में सरप्राइज नहीं होगा? नुवामा ने बताया RBI का अगला बड़ा दांव क्या हैAnthropic के नए टूल ने IT सेक्टर में मचाई खलबली! इंफोसिस से लेकर टीसीएस के शेयर धड़ाम, क्या करता है ये टूल ?Cement Sector: मांग और कीमतों में सुधार के बीच नुवामा की BUY कॉल, जेके सीमेंट बनी टॉप पिक25% उछलेगा अदाणी का यह शेयर, कंपनी की परफॉर्मेंस से ब्रोकरेज खुश; BUY की दी सलाह₹1,100 के पार पहुंचा झींगा कारोबार से जुड़ा स्टॉक, दो दिन में 35 फीसदी उछला

2023-24 में 185 NFO के जरिये 66,364 करोड़ रुपये जुटाए गएः रिपोर्ट

खुदरा निवेशकों की बढ़ती रुचि और बाजार में तेजी से इसे बल मिला। वित्त वर्ष 2022-23 में एएमसी ने 253 एनएफओ की पेशकश कर 62,342 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Last Updated- April 22, 2024 | 7:16 PM IST
Mutual Fund

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (AMC) ने वित्त वर्ष 2023-24 में 66,364 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 185 नई फंड पेशकश (NFO) की थी। यह साल भर पहले की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक है।

खुदरा निवेशकों की बढ़ती रुचि और बाजार में तेजी से इसे बल मिला। वित्त वर्ष 2022-23 में एएमसी ने 253 एनएफओ की पेशकश कर 62,342 करोड़ रुपये जुटाए थे।

बाजार विश्लेषण से जुड़ी कंपनी फायर्स रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा, “भारत में बचत को वित्तीय रूप देने का चलन देखा जा रहा है। मासिक बचत को अधिक रिटर्न की पेशकश करने वाले तरीकों में लगाने की अत्यधिक जरूरत है। इक्विटी में निवेश का पर्याप्त प्रवाह निवेशकों के रुख और जोखिम उठाने की क्षमता में बदलाव को दर्शाता है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की वृद्धि की कहानी के जोर पकड़ने और निवेश के अवसर बढ़ने के साथ कई गैर-सूचीबद्ध कंपनियां पूंजी बाजार का समर्थन चाहती हैं। यह प्रवृत्ति वृद्धि के अवसरों की तलाश करने वाले और इन कंपनियों की दीर्घकालिक यात्राओं में भाग लेने के इच्छुक निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है।

यह रिपोर्ट कहती है कि जनवरी-मार्च, 2024 के दौरान सबसे अधिक 63 एनएफओ आए जिनके जरिये कुल 22,683 करोड़ रुपये जुटाए गए। इसके पहले अक्टूबर-दिसंबर, 2023 की अवधि में भी 49 एनएफओ के जरिये 16,093 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

आमतौर पर एनएफओ बाजार में तेजी के बीच आते हैं ताकि निवेशकों की ऊंची धारणा का फायदा उठाया जा सके। उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि शेयर बाजार के प्रदर्शन के साथ-साथ सकारात्मक निवेशक धारणा से वित्त वर्ष 2023-24 में एनएफओ के माध्यम से अधिक धन जुटाया गया।

First Published - April 22, 2024 | 7:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट