facebookmetapixel
Market This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?Defence Stock: हाई से 46% नीचे कर रहा ट्रेड, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का मौका; अब पकड़ेगा रफ़्तारDefence Stocks: ऑर्डर तो बहुत हैं, पर कमाई चुनिंदा कंपनियों की- नुवामा ने बताए पसंदीदा शेयरजर्मनी-जापान तक जाएगी भारत की ग्रीन ताकत, काकीनाडा बना केंद्र; 10 अरब डॉलर का दांवGST कटौती का सबसे बड़ा फायदा किसे? ब्रोकरेज ने इन 3 FMCG stocks पर जताया भरोसा

फिर से आ सकती है मंदी: सोरोस

Last Updated- December 10, 2022 | 4:20 PM IST

दुनिया के दिगग्ज अरबपतियों में से एक जार्ज सोरोस ने कहा कि चालू वित्त संकट का सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर चल रही मंदी है और हो सकता है कि आने वाले वर्ष में यह मंदी बाजार को कुछ और गिरा दें।


सोरोस ने कल न्यूयार्क में दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि जेपी मॉर्गन चेस  द्वारा 17मार्च को बेयर स्टर्नस को खरीदने के साथ ही डॉलर और शेयर बाजार में थोड़ा उछाल आया था। सोरोस ने बताया कि हमारा आधार अच्छा था पर सबप्राइम संकट केकारण उसमें गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हालिया सुधार के संकेत मामूली हैं और छह हफ्ते से तीन महीने के भीतर फिर से मंदी का दौर बदस्तूर जारी रहने की आशंका है।


पिछले गर्मी के मौसम में जब सबप्राइम संकट ने बाजार को बुरी तरह बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया था, सोरोस ने 17 अरब डॉलर के क्वांटम एन्डाउमेंट फंड के कारोबार में पूरे मन से लग गए। उल्लेखनीय है कि इससे प्राप्त लाभ को वह धर्माथ कार्य में खर्च करते रहे हैं। साल 2000 से पहले सोरोस अपनी कंपनी से कु ल कारोबार वसूली 30 फीसदी के रुप में करते रहे हैं।


इसके अलावा उन्होने अपनी हाल में प्रकाशित पुस्तक ‘द न्यू पैराडिग्म टू फाइनैंशियल मार्केट्स’ में अमेरिकी मंदी का जिक्र किया है, कि क्यों अमेरिका आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। उनके मुताबिक इस मंदी की पटकथा 1980 से ही तैयार हो रही थी।

First Published - April 4, 2008 | 11:36 PM IST

संबंधित पोस्ट