अधिक लोग ले रहे टीके की दूसरी खुराक

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:57 PM IST

पिछले हफ्ते भारत अपनी आबादी को कोविड-19 के 1 अरब टीके लगाने वाला पहला देश बन गया। देश में 75 फीसदी से अधिक आबादी को पहली खुराक मिल गई है और दूसरी खुराक का कवरेज 30 प्रतिशत से अधिक रहा है। दूसरी खुराक के कम लगने की एक प्रमुख वजह दो टीके की खुराक के बीच अंतर है। टीके की दी गई कुल खुराक में कोविशील्ड की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत है और इसकी दो खुराकों के बीच समय का अंतर 8 से 12 सप्ताह निर्धारित किया गया है।
हाल ही में बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के अध्ययन से संकेत मिलता है कि टीके को लेकर लोगों के बीच हिचकिचाहट बढ़ी है जिसकी वजह से भी लोग टीके की दूसरी खुराक लेने के लिए नहीं आए हैं। इस सप्ताह के शुरुआत में जारी बीसीजी के सेंटर ऑफ  कस्टमर इनसाइट (सीसीआई) के 3,000 से अधिक उत्तरदाताओं के सर्वेक्षण से पता चला है कि टीके की पहली खुराक लेने वाले 54-62 प्रतिशत लोगों में टीके की दूसरी खुराक लेने के लिए काफी दिलचस्पी थी।
हालांकि बिज़नेस स्टैंडर्ड के विश्लेषण से यह अंदाजा मिलता है कि जमीनी स्तर पर टीके को लेकर हिचकिचाहट कम हो सकती है। 20 अगस्त से शुरू किए गए दूसरी खुराक से जुड़े एक अध्ययन से पता चलता है कि कम लोग ही मध्य सितंबर तक दूसरी खुराक लेने के लिए आ रहे थे। इसके बाद से एक बदलाव आया है।
यूनिट स्तर के डेटा विश्लेषण के लिए उपलब्ध नहीं है और बिज़नेस स्टैंडर्ड ने टीके की पहली खुराक और दूसरी खुराक के डेटा का अलग-अलग विश्लेषण किया। उदाहरण के लिए, 13 अक्टूबर को 13 जून से 21 जुलाई के बीच टीका लगाए गए लोगों के लिए टीके की दूसरी खुराक देने के लिए कट ऑफ  तारीख तय की गई थी। टीके की दोनों खुराक के बीच अधिकतम अंतर चार महीने का है और न्यूनतम अंतराल 84 दिन का है।
हालांकि जिन लोगों ने जुलाई में टीका लगवाया है उनमें से सभी 13 अक्टूबर तक टीकाकरण कराने के लिए नहीं मौजूद होंगे। डेटा से अंदाजा मिलता है कि कैसे टीके की दूसरी खुराक में प्रगति हुई है।
22 अगस्त को टीके की पहली खुराक और दूसरी खुराक के बीच अंतर 24 लाख था लेकिन  बाद के हफ्तों में यह अंतर 11 सितंबर को बढ़कर 1.8  करोड़ हो गया और 14 सितंबर को यह 4.8 करोड़ हो गया।
लेकिन यह अंतर उस वक्त से ही कम हो रहा है। 1 अक्टूबर को यह फिर से 1.7 करोड़ के स्तर पर वापस आ गया था और 13 अक्टूबर को दोनों खुराक के बीच सिर्फ  80 लाख का अंतर था।
प्रतिशत के संदर्भ में देखें तो पहली खुराक पाने वाले 4.5 फीसदी लोग 22 अगस्त तक टीके लगाने नहीं आए और 14 सितंबर तक यह अंतर बढ़कर 40 फीसदी हो गया। 13 अक्टूबर को यह अंतर फिर से एकल अंक तक सिमट कर 6.5 प्रतिशत हो गया।
इससे दो तरह का नजरिया मिलता है। या तो अधिक लोग दूसरी खुराक लेने के लिए आ रहे हैं या फिर लोगों को पहले की तुलना में अधिक तेजी से टीका लगाया जा रहा है। इसका कारण यह भी है कि राज्य सरकारें त्योहारों के मौसम से पहले अधिक लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं और कुछ राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए आदेश दे रही हैं। इन दोनों ही परिस्थितियों में टीके की दूसरी खुराक लगवाने में तेजी आएगी।

First Published : October 27, 2021 | 10:56 PM IST