facebookmetapixel
Gold Silver Price Today: सोना हुआ महंगा, चांदी की कीमतों में भी तेजी; चेक करें ताजा दामनीलाम खदानों पर सख्ती! 3 साल की मोहलत खत्म करने की तैयारी में सरकारएआई ने बदल दिया नौकरी बाजार, पेशेवर तैयार नहींसड़क हादसे में घायल को मिलेगा ₹1.5 लाख तक फ्री इलाज, मोदी सरकार की बड़ी तैयारीUS टैरिफ से परेशान निर्यात सेक्टर, RBI सोच रहा है नया सपोर्ट प्लानअमेरिका अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन से हटा, जुड़ा रहेगा भारतUS टैरिफ के बावजूद भारत की ग्रोथ मजबूत, UN रिपोर्ट में बड़ी राहतमहिलाओं को समान दर्जा अब भी सपना, वेतन से लेकर नेतृत्व तक गहरी खाईPNB को एमटीएनएल से ₹400 करोड़ की रिकवरी की उम्मीद, मार्जिन पर होगा 10 से 15 आधार अंक असरFY27 में बढ़ सकता है राजकोषीय घाटा, 4.6% तक जाने का अनुमान: BMI रिपोर्ट

शिक्षा-तकनीक कंपनियों के खिलाफ शिकायत पर बैठक

Last Updated- December 11, 2022 | 6:22 PM IST

रेस्तरांओं और कैब सेवा प्रदाताओं को फटकार लगाने के बाद उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्राओं) पर प्रश्नोत्तरी (एफएक्यू) तैयार करने के लिए  समिति गठित करने की योजना बना रहा है। मंत्रालय जल्द ही शिक्षा-तकनीक कंपनियों जैसे बैजूस और अनएकैडमी के साथ भी बैठक करेगा। इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतें आई हैं कि ये स्कूलों एवं बच्चों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।
इस बारे में उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘क्रिप्टोकरेंसी के बारे में यह कहा जा रहा है कि इसका विज्ञापन दिया जा सकता है। इस वजह से आभासी मुद्राओं के मामले में एक प्रश्नोत्तरी उपभोक्ताओं को सही समझ विकसित करने में मदद करेगा। इनमें निवेश करने से पहले लोग अपनी पूरी समझदारी दिखा पाएंगे।’
शिक्षा-तकनीक कंपनियों पर सिंह ने कहा कि उन्होंने अन्य संबंधित पक्षों के साथ ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा दे रही कंपनियों के साथ एक बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में एक ऐसा ढांचा तैयार हो सकता है जिसमें बच्चों को अनावश्यक दबाव झेलने से बचाया जा सके।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इन कंपनियों के विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, सिंह ने कहा कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही एक ठोस कदम उठाया जाएगा। बैजूस के एक नए विज्ञापन ‘टू टीचर एडवांटेज’ से बच्चों पर अधिक दबाव आने जैसी शिकायतें आई हैं।
ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर फर्जी समीक्षा पर लगाम कसने के बारे में सिंह ने कहा कि एक समिति का गठन किया गया है जो इस मामले की तह तक जाएगी और उचित उपाय करेगी। इस समिति में ई-कॉमर्स कंपनियों जैसे एमेजॉन, रिलायंस, उपभोक्ता संगठन और विधि कंपनियों के प्रतिनिधि होंगे। सचिव ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले 60 दिनों के भीतर फर्जी समीक्षा पर अंकुश लगाने वाले दिशानिर्देश तैयार हो जाएंगे।’ कुछ दिनों पहले सिंह ने सेवा शुल्क के मामले में रेस्तरांओं और होटल व्यवसाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। अनुचित कारोबार व्यवहार की शक्तियों पर कैब सेवा प्रदाताओं कंपनियों के लोगों के साथ भी उन्होंने बैठक की थी।

First Published - June 11, 2022 | 12:40 AM IST

संबंधित पोस्ट