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चीन से नहीं आएंगे बिजली उपकरण

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Last Updated- December 15, 2022 | 5:20 AM IST

बिजली मंत्रालय ने चीन से ‘विद्युत आपूर्ति प्रणाली एवं नेटवर्क’ उपकरणों के आयात पर आज पूरी तरह रोक लगा दी। सुरक्षा खतरे और साइबर हमलों का हवाला देते हुए मंत्रालय ने दूसरे देशों से इनके आयात पर भी कुछ पाबंदी लगाई हैं। मंत्रालय ने कहा कि ‘पूर्व संदर्भ’ सूची में शामिल देशों से आयात के लिए पहले मंजूरी लेनी होगी। इस सूची में अब चीन और पाकिस्तान को भी रख दिया गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया, ‘विद्युत आपूर्ति प्रणाली एवं नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए आयात होने वाले सभी उपकरणों और पुर्जों की यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की जाएगी कि उनमें कोई मालवेयर या जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर या किसी तरह का साइबर खतरा तो नहीं है और वे भारतीय मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।’
बिजली आपूर्ति उपकरणों में वे उत्पाद शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल बिजली के पारेषण एवं वितरण ढांचे में होता है। इसमें पारेषण लाइनों के लिए टावर, बिजली ट्रांसफार्मर एवं केबल जैसे बड़े उत्पाद और मीटर, मोटर, कंडक्टर जैसे छोटे उत्पाद शामिल हैं। मीटर, बिजली पारेषण बुनियादी ढांचे जैसे बहुत से विद्युत उपकरणों की दूर से ही निगरानी की जा सकती है और उन्हें दूर से ही चलाया जा सकता है। बिजली के बुनियादी ढांचे में सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बढ़ रहा है, इसलिए उस पर साइबर हमले होने का खतरा भी बढ़ा है।
विद्युत उपकरण उद्योग मंत्रालय के सामने चिंता जता चुका है कि चीन के बिजली उपकरणों की बाढ़ देश में आती रही तो वहां से साइबर हमला हो सकता है। केंद्रीय बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने राज्यों के बिजली मंत्रियों के सालाना सम्मेलन में आज कहा कि भारतीय सीमा का अतिक्रमण करने वाले देश को रोजगार नहीं दिया जा सकता। इसीलिए सभी राज्यों को बिजली उपकरण के ऑर्डर चीन की कंपनियों को देना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘बिजली प्रणाली पर मालवेयर हमले का खतरा है, जिससे हमारी संचार, डेटा और रक्षा प्रणाली बंद हो सकती है। इसलिए हर तरह के आयात की जांच करनी होगी और कुछ देशों से आयात रोकना होगा।’ सिंह ने कहा कि पूर्व संदर्भ सूची के देशों से खरीदारी नहीं की जाएगी। किसी भी उपकरण के आयात से पहले मंजूरी लेनी होगी और चीन तथा पाकिस्तान से उपकरण आयात की इजाजत नहीं होगी। देश में बिजली उपकरणों का 2.08 लाख करोड़ रुपये का बाजार है, जिसमें 71,570 करोड़ रुपये के बिजली उपकरणों का आयात होता है।

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First Published - July 3, 2020 | 10:28 PM IST

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