जांच की मांग अटकलों पर आधारित: केंद्र सरकार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:51 AM IST

केंद्र ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि पेगासस जासूसी के आरोपों को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं अटकलों, अनुमानों और मीडिया में आई अपुष्ट खबरों पर आधारित हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि पेगासस जासूसी के आरोपों में छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह इस मामले के सभी पहलुओं के निरीक्षण के लिए प्रमुख विशेषज्ञों की एक विशेषज्ञ समिति बनाएगी। 
मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस के तीन सदस्यीय पीठ ने इस बात पर चर्चा की कि क्या इस मामले में सोमवार को संक्षिप्त सीमित हलफनामा दायर करने वाली केंद्र सरकार को विस्तृत हलफनामा दायर करना चाहिए। इस मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। न्यायालय इजरायल के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस से कथित तौर पर जासूसी कराए जाने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।     

जासूसी के आरोपों की जांच को लेकर याचिका दायर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार का हलफनामा यह नहीं बताता कि सरकार या उसकी एजेंसियों ने जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया या नहीं। सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि पेगासस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू शामिल होगा और यह संवेदनशील मामला है।
मेहता ने पीठ को बताया, ‘हम एक संवेदनशील मामले को देख रहे हैं और ऐसा लगता है कि इसे सनसनीखेज बनाने के प्रयास हो रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा होगा। यह मामला बेहद तकनीकी है और इसके पहलुओं को देखने के लिए विशेषज्ञता की जरूरत है।’ उन्होंने कहा, छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। विशेषज्ञों की समिति से इसकी जांच की जरूरत है। यह बेहत तकनीकी मुद्दा है। हम इस क्षेत्र के प्रमुख तटस्थ विशेषज्ञों की नियुक्ति करेंगे।’ सिब्बल ने कहा कि केंद्र द्वारा दायर हलफनामा यह नहीं बताता कि क्या सरकार या उसकी एजेंसियों ने जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया? उन्होंने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि सरकार जिसने पेगासस का इस्तेमाल किया हो या उसकी एजेंसी ने इसका इस्तेमाल किया हो वह अपने आप एक समिति गठित करें।’ याचियों के एक वेब पोर्टल द्वारा प्रकाशित समाचार पर भरोसा करने की दलील देते हुए मेहता ने कहा, ‘हमारे मुताबिक, एक गलत विमर्श गढ़ा गया।’
इससे पहले, दिन में केंद्र ने हलफनामा दायर कर सर्वाेच्च न्यायालय को बताया कि पेगासस जासूसी के आरोपों को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं अटकलों, अनुमानों और मीडिया में आई अपुष्ट खबरों पर आधारित हैं। हलफनामे में सरकार ने कहा कि केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कथित पेगासस जासूसी मुद्दे पर संसद में उसका रुख स्पष्ट कर चुके हैं।

First Published : August 17, 2021 | 1:20 AM IST