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बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई को मिली मंत्रिमंडल की मंजूरी

Last Updated- December 12, 2022 | 7:12 AM IST

मंत्रिमंडल ने आज बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मौजूदा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने के लिए बीमा अधिनियम में बदलाव को मंजूरी दे दी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद बदलाव को मंजूरी देने के लिए संसद में विधेयक पेश किया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि संसद से इसे मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए ढांचे को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2021-22 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लागू सुरक्षा उपायों के साथ बीमा क्षेत्र में विदेशी मालिकाना और नियंत्रण बढ़ाने का प्रस्ताव किया था।
उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा कि इस पर लागू सुरक्षा उपाय को अलग से  नियमों द्वारा लागू किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि सरकार नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है और विदेशी मालिकाना पर ढांचे को संशोधन को मंजूरी मिलते ही अधिसूचित कर दिया जाएगा।
डीवीएस एडवाइजर्स एलएलपी के मैनेजिंग पार्टनर दिवाकर विजयसारथी ने कहा कि अनुमानों से संकेत मिलते हैं कि बीमा कंपनियों को अगले 3 साल मेंं 15,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पड़ सकती है और अगर एफडीआई सीमा बढ़ाई जाती है तो इसे जुटाना आसान हो जाएगा।
मार्च, 2020 तक के आंकड़ों के मुताबिक 23 जीवन बीमा कंपनियों में औसत विदेशी निवेश 37.41 प्रतिशत है। सिर्फ 9 निजी जीवन बीमा कंपनियों में ही विदेशी निवेश 49 प्रतिशत है।
वहीं 21 निजी जनरल इंश्योरर्स में औसत एफडीआई महज 28.18 प्रतिशत है। एकल स्वास्थ्य बीमा उद्योग में औसत एफडीआई 30.22 प्रतिशत है। हीं कुल गैर जीवन बीमा उद्योग में औसत एफडीआई महज 20.22 प्रतिशत है।  मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि एफडीआई की सीमा बढ़ाए जाने से बीमा कंपनियों को प्रतिबद्ध कोष मिल सकेगा और वे देश में अपनी पहुंच सुधारने का काम कर सकेंगी।

First Published - March 11, 2021 | 12:15 AM IST

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