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बिहार के बाद अब 12 राज्यों में शुरू होगा एसआईआर, 51 करोड़ मतदाता होंगे शामिल

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कुमार ने स्पष्ट किया कि असम में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी। असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव संभावित है।

Last Updated- October 27, 2025 | 6:09 PM IST
Gyanesh Kumar

बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किया जाएगा। दूसरे चरण में यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चलेगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप भी इसमें शामिल होंगे। इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 में चुनाव संभावित हैं।

कुमार ने स्पष्ट किया कि असम में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी। असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव संभावित है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मौजूदा एसआईआर स्वतंत्रता के बाद से ऐसी नौवीं कवायद है और पिछला एसआईआर 21 वर्ष पहले 2002-04 में हुआ था। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई और इसको लेकर कोई भी अपील नहीं आई जो इस कवायद की सबसे बड़ी खूबी रही।

कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। एसआईआर यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी योग्य मतदाता का नाम छूट न जाए और किसी भी अयोग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘एसआईआर के दूसरे चरण में 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। गणना प्रक्रिया चार नवंबर से शुरू होगी, जबकि मसौदा मतदाता सूची नौ दिसंबर को और अंतिम मतदाता सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।” बिहार में मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम पूरा हो चुका है, जहां लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची बीते 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी। राज्य में मतदान दो चरणों में होगा छह नवंबर और 11 नवंबर को होगा तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी।

आयोग एसआईआर कराने की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ पहले ही दो बैठकें कर चुका है। कई सीईओ ने अपनी पिछली एसआईआर के बाद की मतदाता सूचियां अपनी वेबसाइटों पर डाल दी हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर 2008 की मतदाता सूची उपलब्ध है, जब राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम गहन पुनरीक्षण हुआ था। उत्तराखंड में अंतिम एसआईआर 2006 में हुआ था और उस वर्ष की मतदाता सूची अब राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्यों में अंतिम एसआईआर उसी तरह से ‘कट-ऑफ’ तिथि के रूप में काम करेगी जैसे बिहार की वर्ष 2003 की मतदाता सूची का उपयोग चुनाव आयोग ने गहन पुनरीक्षण के लिए किया था।

अधिकांश राज्यों में मतदाता सूची का अंतिम एसआईआर 2002 और 2004 के बीच था और उन्होंने अपने-अपने राज्यों में हुए अंतिम एसआईआर के अनुसार वर्तमान मतदाताओं का मानचित्रण लगभग पूरा कर लिया है। एसआईआर का प्राथमिक उद्देश्य अवैध विदेशी प्रवासियों की जांच करके उनका नाम मतदाता सूची से बाहर करना है। बांग्लादेश और म्यांमार सहित विभिन्न देश के अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण हो जाता है।

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First Published - October 27, 2025 | 6:04 PM IST

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