facebookmetapixel
Advertisement
Coforge Share Price: मजबूत नतीजों के बाद ब्रोकरेज बुलिश, 36% तक अपसाइड का अनुमानManipal Health IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹9,275 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, GMP समेत अन्य डीटेल्सMid Cap Stocks: अभी भी कमाई का मौका या दिखेगी उठापटक, निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह?HUL में अभी खरीदारी का मौका? ब्रोकरेज को दिख रहा 35% तक का अपसाइडपश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेटGold, Silver Price Today: फेड मीटिंग से पहले बाजार में मिक्स ट्रेंड; सोना ₹243 टूटा, चांदी ₹815 उछलीManipal Health IPO: तेज ग्रोथ, भारी कर्ज और गिरता मुनाफा… निवेशक क्या करें?US Fed Meeting: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी ब्याज दर? Kevin Warsh के फैसले पर टिकी दुनियाभर के बाजारों की नजरStock Market Update: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! Sensex 800 अंक उछला, IT और मिडकैप शेयरों ने भरी उड़ानRupee: लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ रुपया, चौथे दिन भी तेजी बरकरार

टॉप ग्लोबल कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी

Advertisement
Last Updated- April 12, 2023 | 5:04 PM IST
toys

अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है।

अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं। गौरतलब है कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है।

DPIIT अनुपालन प्रावधानों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद भी कर रहा है। इस बारे में पूछने पर प्लेग्रो टॉयज इंडिया के प्रवर्तक और टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनु गुप्ता ने कहा कि अमेरिका के एक रिटेलर ने राइड-ऑन तथा आउटडोर खिलौने और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल खिलौनों सहित तीन मुख्य श्रेणियों में खिलौने खरीदने के लिए उद्योग से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि DPIIT के अधिकारी उद्योग जगत को इन वैश्विक कंपनियों से जुड़ने और ऑर्डर हासिल करने में मदद कर रहे हैं। ये कंपनियां उनसे सामान खरीदती हैं, जो उनके उत्पाद और सामाजिक अनुपालन को पूरा करती हैं। उन्होंने कहा कि अबतक 82 भारतीय कंपनियों ने इस कवायद का हिस्सा बनने के लिए दिलचस्पी दिखाई है।

यह भी पढ़ें : एविएशन इंडस्ट्री सुधार के रास्ते, 2022-23 में यात्रियों की संख्या 60 फीसदी बढ़ी : रिपोर्ट

उन्होंने कहा, ‘इटली की एक फर्म ने भी भारत से सोर्सिंग के लिए हमसे संपर्क किया है।’ गुप्ता ने कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक बाजारों में मांग में कमी और भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देने से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना कर रहा है। देश का खिलौना निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2022-23 के दौरान 1,017 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले 2021-22 में निर्यात 2,601 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - April 12, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement