facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेटLPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, नहीं कराया तो घरेलू रेट पर सिलेंडर मिलने में आएगी दिक्कतदिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा मौसम का मिजाजE20 पर फिर सरकार की सफाई: सिर्फ एथेनॉल वाले पेट्रोल से नहीं घटता माइलेज, कई और फैक्टर्स भी शामिलAI नौकरियां छीनेगा या बनाएगा अमीर? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक कियोसाकी ने युवाओं को दी खास सलाहDividend Stocks: 450% का मोटा डिविडेंड! हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सविदेशी संपत्ति छिपाई है? छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 16 अगस्त से खुलेगा विंडो, CBDT ने किया ऐलानअगले 7-8 साल में देश में शुरू होंगे 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट, हमें चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा: PM1 शेयर पर मिलेगा ₹500 का डिविडेंड! डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी का निवेशकों को बड़ा तोहफाकिसानों से बोले PM मोदी: दुनिया भर में पहुंचाएं भारतीय उत्पाद, मिलेट्स-मसालों को ग्लोबल ब्रांड बनाएं

टॉप ग्लोबल कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी

Advertisement
Last Updated- April 12, 2023 | 5:04 PM IST
toys

अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है।

अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं। गौरतलब है कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है।

DPIIT अनुपालन प्रावधानों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद भी कर रहा है। इस बारे में पूछने पर प्लेग्रो टॉयज इंडिया के प्रवर्तक और टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनु गुप्ता ने कहा कि अमेरिका के एक रिटेलर ने राइड-ऑन तथा आउटडोर खिलौने और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल खिलौनों सहित तीन मुख्य श्रेणियों में खिलौने खरीदने के लिए उद्योग से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि DPIIT के अधिकारी उद्योग जगत को इन वैश्विक कंपनियों से जुड़ने और ऑर्डर हासिल करने में मदद कर रहे हैं। ये कंपनियां उनसे सामान खरीदती हैं, जो उनके उत्पाद और सामाजिक अनुपालन को पूरा करती हैं। उन्होंने कहा कि अबतक 82 भारतीय कंपनियों ने इस कवायद का हिस्सा बनने के लिए दिलचस्पी दिखाई है।

यह भी पढ़ें : एविएशन इंडस्ट्री सुधार के रास्ते, 2022-23 में यात्रियों की संख्या 60 फीसदी बढ़ी : रिपोर्ट

उन्होंने कहा, ‘इटली की एक फर्म ने भी भारत से सोर्सिंग के लिए हमसे संपर्क किया है।’ गुप्ता ने कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक बाजारों में मांग में कमी और भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देने से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना कर रहा है। देश का खिलौना निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2022-23 के दौरान 1,017 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले 2021-22 में निर्यात 2,601 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - April 12, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement