facebookmetapixel
Advertisement
DLF vs Godrej Properties vs Lotus Developers: किस रियल्टी शेयर में सबसे ज्यादा अपसाइड?एक में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, दूसरे में करीब 59% अपसाइड: Marico और Emami में कौन आगे?Market Outlook: RBI ने दी राहत, लेकिन एक्सपर्ट्स का अलर्ट! West Asia में तनाव बढ़ा तो शेयर बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर4 साल की सुस्ती के बाद क्या लौटेगी QSR कंपनियों की चमक? ब्रोकरेज ने दिए 47% तक अपसाइड के टारगेटRBI MPC Meet: ब्याज दर 5.25% पर बरकरार, लेकिन RBI ने ट्रंप के टैरिफ और तेल की कीमतों पर जताई बड़ी चिंताRBI MPC August 2026: रीपो रेट स्थिर, लेकिन क्या आगे ब्याज दरों में कटौती की बन सकती है गुंजाइश? जानें क्या हैं RBI के संकेतRBI MPC 2026: RBI ने रेपो रेट क्यों नहीं बदली? फैसले के पीछे की 5 बड़ी वजहेंRBI MPC 2026: ब्याज दर स्थिर, लेकिन क्या सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने क्या कहाRBI MPC Meeting Highlights: गवर्नर संजय मल्होत्रा के 10 बड़े ऐलानRBI MPC 2026: महंगाई का अनुमान घटाया, ग्रोथ बढ़ाई… जानिए CPI और GDP पर गवर्नर ने क्या कहा

टॉप ग्लोबल कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी

Advertisement
Last Updated- April 12, 2023 | 5:04 PM IST
toys

अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है।

अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं। गौरतलब है कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है।

DPIIT अनुपालन प्रावधानों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद भी कर रहा है। इस बारे में पूछने पर प्लेग्रो टॉयज इंडिया के प्रवर्तक और टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनु गुप्ता ने कहा कि अमेरिका के एक रिटेलर ने राइड-ऑन तथा आउटडोर खिलौने और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल खिलौनों सहित तीन मुख्य श्रेणियों में खिलौने खरीदने के लिए उद्योग से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि DPIIT के अधिकारी उद्योग जगत को इन वैश्विक कंपनियों से जुड़ने और ऑर्डर हासिल करने में मदद कर रहे हैं। ये कंपनियां उनसे सामान खरीदती हैं, जो उनके उत्पाद और सामाजिक अनुपालन को पूरा करती हैं। उन्होंने कहा कि अबतक 82 भारतीय कंपनियों ने इस कवायद का हिस्सा बनने के लिए दिलचस्पी दिखाई है।

यह भी पढ़ें : एविएशन इंडस्ट्री सुधार के रास्ते, 2022-23 में यात्रियों की संख्या 60 फीसदी बढ़ी : रिपोर्ट

उन्होंने कहा, ‘इटली की एक फर्म ने भी भारत से सोर्सिंग के लिए हमसे संपर्क किया है।’ गुप्ता ने कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक बाजारों में मांग में कमी और भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देने से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना कर रहा है। देश का खिलौना निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2022-23 के दौरान 1,017 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले 2021-22 में निर्यात 2,601 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - April 12, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement