facebookmetapixel
Advertisement
Bank of India Q1 Results: मुनाफा ₹3,068 करोड़ पर पहुंचा, NII में 12.61% की बड़ी बढ़ोतरीTata Consumer Q1 Results: Q1 में मुनाफा 29% बढ़कर ₹427 करोड़ हुआ, रेवेन्यू भी 12% उछलाUTI म्यूचुअल फंड ने WhatsApp पर शुरू की निवेश और पेमेंट की सुविधा, ऐप बदले बिना पूरा होगा निवेशक्या सिर्फ PF के भरोसे सुरक्षित रहेगा आपका रिटायरमेंट? एक्सपर्ट्स ने समझें निवेश का सही फॉर्मूलाभारत में बैटरी बनेगी तो क्या EV सस्ती हो जाएगी? सरकार के प्लान की पूरी सच्चाईकेमिकल सेक्टर के लिए कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘BHAVYA Rasayan’ योजना को मंजूरी, डेवलप होंगे 3 केमिकल पार्क‘प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम’ का उठाने जा रहे हैं फायदा? ITR Filing से पहले समझ लें नियम, नहीं तो आएगा नोटिसEPFO ने मेंबर्स को भेजना शुरू किया FY26 का 8.25% ब्याज, ऐसे चेक करें अपना PF बैलेंसHindustan Zinc Q1 Results: शुद्ध मुनाफा 145% बढ़कर 5469 करोड़ हुआ, प्रति शेयर ₹11 डिविडेंड का ऐलाननौकरी बदली पर पुराना PF अकाउंट भूल गए? EPFO के ‘सर्विस हिस्ट्री’ फीचर से मिनटों में करें मालूम

टॉप ग्लोबल कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी

Advertisement
Last Updated- April 12, 2023 | 5:04 PM IST
toys

अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है।

अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं। गौरतलब है कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रहा है।

DPIIT अनुपालन प्रावधानों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद भी कर रहा है। इस बारे में पूछने पर प्लेग्रो टॉयज इंडिया के प्रवर्तक और टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनु गुप्ता ने कहा कि अमेरिका के एक रिटेलर ने राइड-ऑन तथा आउटडोर खिलौने और मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल खिलौनों सहित तीन मुख्य श्रेणियों में खिलौने खरीदने के लिए उद्योग से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि DPIIT के अधिकारी उद्योग जगत को इन वैश्विक कंपनियों से जुड़ने और ऑर्डर हासिल करने में मदद कर रहे हैं। ये कंपनियां उनसे सामान खरीदती हैं, जो उनके उत्पाद और सामाजिक अनुपालन को पूरा करती हैं। उन्होंने कहा कि अबतक 82 भारतीय कंपनियों ने इस कवायद का हिस्सा बनने के लिए दिलचस्पी दिखाई है।

यह भी पढ़ें : एविएशन इंडस्ट्री सुधार के रास्ते, 2022-23 में यात्रियों की संख्या 60 फीसदी बढ़ी : रिपोर्ट

उन्होंने कहा, ‘इटली की एक फर्म ने भी भारत से सोर्सिंग के लिए हमसे संपर्क किया है।’ गुप्ता ने कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक बाजारों में मांग में कमी और भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देने से संबंधित कुछ मुद्दों का सामना कर रहा है। देश का खिलौना निर्यात अप्रैल-दिसंबर 2022-23 के दौरान 1,017 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले 2021-22 में निर्यात 2,601 करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - April 12, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement