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कोई पूछे बीमा कंपनियों से हाल कैसा है…

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:37 PM IST


सबप्राइम मॉर्गेज से अमेरिका में सरकार, निवेशक सभी परेशान तो हैं ही पर एक पक्ष ऐसा भी है जिस पर इस संकट की मार काफी अधिक पड़ी है। दरअसल, बीमा कंपनियों को इस संकट से इतना अधिक नुकसान उठाना पड़ा है जितना कि अब तक के सबसे बड़े प्राकृतिक आपदा चक्रवातीय तूफान कैटरीना से भी उन्हें नहीं उठाना पड़ा था।


 


बीमा क्षेत्र को सबप्राइम संकट की वजह से अब तक 38 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि कैटरीना के बाद इस क्षेत्र को क्षतिपूर्ती के एवज में 41.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।


 


 इस लिहाज से देखें तो पता चलता है कि अगर बीमा क्षेत्र को आने वाले समय में सबप्राइम संकट से होने वाला नुकसान कैटरीना के आंकड़े को भी पार कर जाए तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। विश्व की सबसे बड़े बीमा कंपनी अमेरिकन इंटरनेशनल ग्रुप इंक को अपने 89 वर्ष के इतिहास में सबसे अधक नुकसान इस संकट की वजह से ही हुआ है।


 


मॉर्गेज की वजह से निवेश में भारी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्टिन सुलिवन ने शेयरधारकों को पिछले महीने कहा कि हाउसिंग संकट की वजह से आने वाले दिन कंपनी के लिए और विपरीत स्थितियां पैदा कर सकते हैं।


 


गौरतलब है कि केबीडब्लू बीमा सूचकांक में वर्ष 2007 में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और पिछले पांच वर्षों में 2007 की आखिरी तिमाही कंपनी के लिए सबसे बुरी साबित हुई है। न्यू यार्क स्थित क्रेडिटसाइट्स इंक के बीमा विश्लेषक रॉबर्ट हेन्स ने कहा, ”वर्तमान में कैटरीना से भी बुरे हालात पैदा हो चुके हैं।


 


उन्होंने कहा कि परिस्थितियां ऐसी बन चुकी हैं कि इसके बारे में कोई कयास लगाना भी संभव नहीं है। कैटरीना की मार खाए कुठ बीमा कंपनियों ने आपदा संभावित क्षेत्रों में प्रीमियम की दरों में बढ़ोतरी कर दी थी ताकि वे आने वाले समय में अपने नुकसान की भरपाई कर सकें।

अब हाउसिंग संकट की वजह से घरों की कीमतें इतनी तेजी से गिर गई हैं कि इन कंपिनयों को खुद समझ में नहीं आ रहा कि बाजार में इनकी कीमत क्या रह गई है। मॉर्गेज संकट से जूझ रहे बाजार में एम्बैक फाइनेंशियल ग्रुप इंक को करीब 6.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है और पिछले 20 वर्षों के इतिहास में पहली दफा कंपनी के शेयर इतने अधिक नीचे पहुंच गए हैं। ऋण संकट की मार से कंपनी की स्थिति काफी खराब हो चुकी है।


 


वर्ष 1999 के बाद पहली बार पिछले वर्ष केबीडब्लू बीमा सूचकांक में शामिल 24 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। जहां 2005 में इस सूचकांक में सात फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, वहीं गत वर्ष इस सूचकांक में 0.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

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First Published - March 17, 2008 | 5:49 PM IST

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