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भारत-म्यांमा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 31,000 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च, तस्करी के लिए कुख्यात है ये बॉर्डर

सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

Last Updated- September 18, 2024 | 4:47 PM IST
Rs 31,000 crore will be spent for fencing the India-Myanmar border, this border is notorious for smuggling भारत-म्यांमा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 31,000 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च, तस्करी के लिए कुख्यात है ये बॉर्डर

भारत-म्यांमा की 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा पर 31,000 करोड़ रुपये की लागत से बाड़ लगाई जाएगी। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह सीमा हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात है।

मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए 30 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम पूरा हो गया है।

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भारत और म्यांमा के बीच 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगभग 31,000 करोड़ रुपये की लागत से बाड़ लगाने और सड़क बनाने की मंजूरी दे दी है।

मोरेह के पास लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में बाड़ लगाने का काम पहले ही पूरा हो चुका है और मणिपुर के अन्य क्षेत्रों में 21 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाने का काम जारी है।

भारत-म्यांमा सीमा मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुजरती है। केंद्र सरकार पहले ही भारत-म्यांमा मुक्त आवागमन व्यवस्था (FMR) खत्म कर चुकी है।

यह व्यवस्था सीमा के करीब रहने वाले लोगों को बिना किसी दस्तावेज़ के एक-दूसरे के क्षेत्र में 16 किलोमीटर तक जाने की अनुमति देती थी।

सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

First Published - September 18, 2024 | 4:47 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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