facebookmetapixel
बालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलर, 2026 में भी अधिग्रहण पर रहेगा जोरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश कमाई और डील्स में दम, फिर भी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर महंगे वैल्यूएशन का दबावट्रंप के यू-टर्न के बीच शेयर बाजारों में राहत, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल

एशिया-प्रशांत के अन्य देशों की तुलना में भारत पर अमेरिकी शुल्कों का जोखिम कम: Moody’s Rating

मूडीज ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत, वियतनाम और थाइलैंड जैसे विकासशील देशों में अमेरिका की तुलना में दरों में सबसे ज्यादा अंतर है।

Last Updated- February 25, 2025 | 11:27 PM IST
Modi Trump
प्रतीकात्मक तस्वीर

मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में भारत पर अमेरिकी शुल्कों का जोखिम कम है। हालांकि खाद्य, कपड़ा और दवा जैसे कुछ क्षेत्रों को जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

मूडीज ने कहा कि उसके रेटेड पोर्टफोलियो में ज्यादातर कंपनियां घरेलू रूप से केंद्रित हैं, जिनका अमेरिकी बाजार में कारोबार सीमित है। जवाबी शुल्क के दबाव को कम करने के लिए, अमेरिका और भारत कथित तौर पर चुनिंदा अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने, अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने और अमेरिकी ऊर्जा खरीद बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जबकि वर्ष 2025 की शरद ऋतु तक व्यापार समझौता शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

मूडीज ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत, वियतनाम और थाइलैंड जैसे विकासशील देशों में अमेरिका की तुलना में दरों में सबसे ज्यादा अंतर है। कम निर्यात मांग से होने वाली मार के अलावा, इस क्षेत्र में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने एक प्रमुख जोखिम यह है कि चीन और अन्य उन्नत एपीएसी अर्थव्यवस्थाओं के समान निर्यात-आधारित विकास मॉडल को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखने वालों को तेजी से हस्तक्षेप करने वाले व्यापार वातावरण में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होगा। भाषा

First Published - February 25, 2025 | 11:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट