facebookmetapixel
Advertisement
ईरान-अमेरिका तनाव से दहला शेयर बाजार; सेंसेक्स-निफ्टी औंधे मुंह गिरे, निवेशकों के करोड़ों डूबेपश्चिम एशिया तनाव का असर: मारुति सुजुकी ने अपनाया WFH और कारपूलिंग जैसे उपाय, यात्राओं पर बढ़ाई सख्तीपर्सनल लोन या ओवरड्राफ्ट? अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर कौन सा विकल्प हो सकता है बेस्टपेट्रोल-डीजल और सोने के दाम बढ़ने का असर, जून में 5% पर पहुंच सकती है खुदरा महंगाई : अर्थशास्त्रीचार साल के रिकॉर्ड स्तर पर सोयाबीन! महंगा होने से भारतीय सोयामील का निर्यात आधा रहने का अनुमानआम का राजा बना संकट का शिकार! महाराष्ट्र में 90% तक फसल बर्बाद, किसानों पर डबल मारJM Financial AMC ने लॉन्च किया ₹1,000 करोड़ का दूसरा परफॉर्मिंग क्रेडिट AIF, प्राइवेट डेट मार्केट पर फोकस‘AI से खत्म नहीं होंगी नौकरियां’, OpenAI के CEO का दावा: ‘इंसानी जुड़ाव’ को रिप्लेस करना लगभग नामुमकिनसोना रखने की क्या है कानूनी सीमा? समझें तिजोरी में रखा गोल्ड कब आ सकता है टैक्स डिपार्टमेंट के रडार परभारत में ऑफिस मांग बूम पर, लेकिन नई सप्लाई जोड़ने में पूंजी की कमी बन रही है सबसे बड़ी बाधा

पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन ने इमरान खान पर साधा निशाना, कहा- दरवाजे के पीछे मांगते हैं बातचीत की भीख

Advertisement

PML-N नेता राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पीटीआई की सोच राजनीतिक नहीं थी क्योंकि इसका उद्देश्य सेना के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करना था।

Last Updated- April 28, 2024 | 6:59 PM IST
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कुछ नेता सैन्य प्रतिष्ठान के संपर्क में हैं : इमरान खान , Some leaders of Pakistan Tehreek-e-Insaf are in touch with military establishment: Imran Khan

पाकिस्तान की मौजूदा गठबंधन सरकार के नेताओं ने केवल सेना के साथ बातचीत की मांग करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वह सेना को राजनीति में शामिल करना चाहते हैं तो उन्हें नागरिक अधिकारों की सर्वोच्चता को लेकर शिकायत नहीं करनी चाहिए।

दरअसल, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ नेता शहरयार आफरीदी ने गठबंधन सरकार से बातचीत के प्रस्तावों को लेकर शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी बातचीत करेगी, लेकिन बिलावल भुट्टो-जरदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) या सत्तारूढ़ PML-N के साथ नहीं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के वरिष्ठ नेता ख्वाजा साद रफीक ने कहा कि 71 वर्षीय खान की पीटीआई अगर सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करना चाहती है, तो उसे नागरिक अधिकारों की सर्वोच्चता को लेकर शिकायत नहीं करनी चाहिए।

रफीक ने कहा, ‘‘इमरान खान का व्यवहार यही रहा है कि उनका एक हाथ उनकी गर्दन पर और दूसरा उनके पैरों पर होता है। वह बाहर चिल्लाते हैं कि वह स्वतंत्रता के पैरोकार हैं और दरवाजे के पीछे बातचीत की भीख मांगते हैं।’’

उन्होंने कहा कि पीटीआई नेता के इस बयान से उनका रुख पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। पीएमएल-एन नेता ने कहा कि राजनेताओं को आज नहीं तो कल एक-दूसरे से संवाद करना ही होगा। इस बीच, टेलीविजन चैनल जियो न्यूज के एक कार्यक्रम के दौरान, पीएमएल-एन नेता राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पीटीआई की सोच राजनीतिक नहीं थी क्योंकि इसका उद्देश्य सेना के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करना था।

Advertisement
First Published - April 28, 2024 | 6:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement