facebookmetapixel
Advertisement
चीनी की कीमतों पर लगाम के लिए सरकार का बड़ा कदम, 10 लाख टन शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरीक्रिप्टो निवेशकों के लिए बड़ा प्लान, Infinity DAO ने 1 अरब डॉलर के इंश्योरेंस कवर का प्रस्ताव रखाभारत-सिंगापुर समझौते: टेलीकॉम, खाद्य सुरक्षा और समुद्री विरासत पर बढ़ेगा सहयोगग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026: 8 सितंबर से मुंबई में जुटेंगे फिनटेक के दिग्गज, PM मोदी होंगे मुख्य अतिथि3 साल में 1.5 गुना बढ़ सकती है फैमिली ऑफिस की संपत्ति, अल्टरनेटिव निवेश पर बढ़ा फोकसSEBI का बड़ा प्लान! क्या वापस लौटेंगे विदेशी निवेशक, बदल सकते हैं ट्रेडिंग के ये नियमदिल्ली में पेट्रोल-डीजल और CNG मालवाहक गाड़ियों पर लगेगी रोक, CAQM ने तय की समयसीमामुंबई पोर्ट को ब्लू इकोनॉमी हब बनाने के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप की तलाश, ₹22,672 करोड़ की परियोजनाओं पर जोरजुलाई में 5.4% रही 9 प्रमुख उद्योगों की ग्रोथ, लौह अयस्क और पावर सेक्टर की रफ्तार घटीSEBI करेगा बॉन्ड टोकनाइजेशन का ट्रायल, कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो बाजार को मजबूत करने पर जोर

Trump tariffs: चीन पर ट्रंप का टैरिफ वार, शुल्क बढ़ाकर 145% किया; बाजार में हड़कंप

Advertisement

व्हाइट हाउस ने कहा है कि चीन से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए और कड़े टैरिफ गुरुवार (10 अप्रैल) से प्रभावी हो गए हैं।

Last Updated- April 11, 2025 | 8:59 AM IST
Trump and Xi Jinping

अमेरिका ने चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर टैरिफ और बढ़ा दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि चीन से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए और कड़े टैरिफ गुरुवार (10 अप्रैल) से प्रभावी हो गए हैं। ये शुल्क अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) की पहल पर लगाए गए हैं और कुछ खास वस्तुओं पर कुल अतिरिक्त शुल्क अब 145% तक पहुंच गया है।

ट्रंप ने चीन पर दबाव और बढ़ाते हुए कुछ आयातित वस्तुओं पर 125% का नया टैरिफ लगाया है। ये नए शुल्क इस साल की शुरुआत में लगाए गए 20% शुल्क के अतिरिक्त हैं, जो कथित रूप से चीन के फेंटानिल ट्रेड (fentanyl trade) से जुड़े होने के आरोपों के चलते लगाए गए थे।

कुछ चुनिंदा उत्पादों पर लागू होगा 125% टैरिफ

इस कदम के बाद कुछ चीनी उत्पादों पर कुल मिलाकर टैरिफ का बोझ 145% तक पहुंच गया है, जिसमें पिछली सरकारों द्वारा लगाए गए शुल्क भी शामिल हैं जो अब तक बरकरार हैं। हालांकि, नया 125% टैरिफ सभी उत्पादों पर लागू नहीं होता। इसमें स्टील और एल्यूमीनियम जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल नहीं हैं, साथ ही ऑटोमोबाइल्स भी इससे बाहर रखे गए हैं। इन सेक्टर्स पर पहले से ही अलग व्यापार उपायों के तहत 25% का शुल्क लगाया गया है।

कॉपर, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स, लकड़ी और ऊर्जा उत्पाद जैसे अन्य सेक्टरों को फिलहाल इस लिस्ट से बाहर रखा गया है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि भविष्य की कार्रवाई में इन्हें भी शामिल किया जा सकता है।

Also read: अमेरिकी टैरिफ के डर से मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया

Trump ने बाकी देशों को दी 90 दिन की मोहलत

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 75 से ज्यादा देशों पर लगने वाले टैरिफ को 90 दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला इन देशों के साथ नए सिरे से व्यापार वार्ता शुरू करने के मद्देनजर लिया गया है। हालांकि, इस छूट में चीन को शामिल नहीं किया गया है।

ऐसे में भारत इसे अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को नए सिरे से आगे बढ़ाने तथा पहले चरण को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के अवसर के रूप में देख रहा है। फरवरी में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के लिए लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार करार के पहले चरण को साल के अंत तक अंतिम रूप देने के इरादे की घोषणा की थी।

अमेरिकी बाजारों में गिरावट जारी

व्हाइट हाउस द्वारा स्पष्ट किए जाने के बाद कि चीन से आयात पर टैरिफ 125% नहीं बल्कि 145% होगी। अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट और बढ़ गई। बुधवार की ऐतिहासिक तेजी के बाद गुरुवार को बाजार पलट गए, क्योंकि निवेशक एक बार फिर व्यापार युद्ध के जोखिम को लेकर सतर्क हो गए।

गुरुवार को S&P 500 इंडेक्स में 5% की गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1,746 अंक गिर गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 5.8% की भारी गिरावट आई।

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 8:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement