facebookmetapixel
Advertisement
RCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुखसंघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पारGold Rate: तेल महंगा होने से सोना 2% फिसला, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोरEditorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ान

पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला, 47 सैनिकों की मौत, 30 से ज्यादा घायल

Advertisement

इस हमले में 47 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हुए।

Last Updated- January 06, 2025 | 6:30 PM IST
pakistan

बलूचिस्तान में शनिवार शाम एक ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की “फिदायीन यूनिट” मज़ीद ब्रिगेड ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला किया। इस हमले में 47 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा घायल हुए। यह खबर बलूचिस्तान पोस्ट के हवाले से आई है।

कहां और कैसे हुआ हमला?

BLA के मुताबिक, हमला तुर्बत से करीब 8 किलोमीटर दूर बेहमान इलाके में शाम 5:45 बजे हुआ। सेना का काफिला कराची से तुर्बत के फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) मुख्यालय जा रहा था। इस काफिले में 13 वाहन शामिल थे, जिनमें 5 बसें और 7 सैन्य वाहन थे। हमलावर ने खुद को काफिले के पास उड़ा लिया। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एक बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई और एक सैन्य वाहन भी तबाह हो गया।

हमलावर कौन था?

हमलावर की पहचान “फिदायीन संगत बहर अली” के तौर पर हुई है। वह तुर्बत के दास्कत होचाट इलाके का रहने वाला था। बहर अली ने 2017 में बलूच आंदोलन से जुड़कर शहरी और पहाड़ी इलाकों में काम किया था। 2022 में उसने खुद को मज़ीद ब्रिगेड की फिदायीन यूनिट के लिए तैयार किया।

हमले के बाद BLA ने बयान जारी कर इसे “सफल मिशन” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला उनके खुफिया तंत्र “ज़ीराब” की शानदार योजना और फिदायीन संगत के बलिदान का नतीजा है।

BLA के प्रवक्ता ने साफ कहा, “बलूचिस्तान की जमीन कभी भी ‘कब्जा करने वालों’ के लिए सुरक्षित नहीं होगी।”

उन्होंने परिवहन मालिकों को चेतावनी दी कि वे पाकिस्तानी सेना के लिए अपनी सेवाएं न दें। साथ ही, कहा कि जो गाड़ियां संसाधनों की लूट में शामिल होंगी, उन्हें जला दिया जाएगा।

हमले के तुरंत बाद सरकारी अधिकारियों ने 11 मौतों की पुष्टि की थी। लेकिन अब तक कोई नई जानकारी नहीं दी गई है।

BLA का मकसद क्या है?

BLA का कहना है कि वे बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि पाकिस्तान सेना बलूच लोगों को प्रताड़ित कर रही है और उनकी जमीन के संसाधनों का शोषण कर रही है। इस हमले ने न सिर्फ बलूचिस्तान में तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या बलूचिस्तान में हालात और खराब होंगे? पाकिस्तान सरकार के लिए यह बड़ा झटका है। (ANI के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - January 6, 2025 | 6:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement