facebookmetapixel
Advertisement
आरबीआई की विदेशी मुद्रा अदला-बदली योजना जारी रहेगी, 41 अरब डॉलर जुटाए गएStock Market: RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार में तेजी! Sensex-Nifty क्यों चढ़े?RBI बदलने जा रहा है Loan Rules! EMI पर क्या पड़ेगा असर?FY28 की शुरुआत में आ सकते हैं पॉलिमर नोट, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया पूरा प्लान₹100 से रियल एस्टेट में निवेश का मौका, Edelweiss ने लॉन्च किया देश का पहला REITs फोक्स्ड फंड; समझें टैक्स नियमRepo Rate नहीं बदली, लेकिन RBI ने दे दिए बड़े इशारे! जानिए 10 बड़ी बातेंMeta ने मानी गलती, सरकार के सामने सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी; सेफ हार्बर’ पर भी मिला सख्त संदेशFranklin India NFO: कम जोखिम वाले डेट फंड में निवेश का मौका, SIP ₹500 से शुरूRBI MPC Meet: ब्याज दरें, बॉन्ड मार्केट, महंगाई और ग्रोथ पर क्या कहतें हैं म्युचुअल फंड्स?177.9 मिलियन डॉलर के साथ शाहरुख नंबर 1, जानें टॉप 5 रैंकिंग में कौन से सेलिब्रिटी हैं शामिल?

चीन और उत्तर कोरिया को लेकर सतर्क जापान , क्रूज मिसाइल बनाने की योजना

Advertisement
Last Updated- December 16, 2022 | 5:08 PM IST
crusie missile

जापान ने एक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति अपनाते हुए पड़ोसी देशों चीन और उत्तर कोरिया के खतरों के खिलाफ खुद को और अधिक समक्ष बनाने के वास्ते आगामी वर्षों में क्रूज मिसाइल के जरिये अपनी क्षमता बढ़ाने संबंधी योजना की शुक्रवार को घोषणा की।

द्वितीय विश्व युद्ध का जिक्र करते हुए जापान के रणनीति संबंधी दस्तावेज में कहा गया है कि चीन, उत्तर कोरिया और रूस सीधे इसके पश्चिम और उत्तर में हैं और जापान ‘युद्ध की समाप्ति के बाद से सबसे कठिन और जटिल राष्ट्रीय सुरक्षा माहौल का सामना कर रहा है।’ इसमें चीन को उत्तर कोरिया और रूस से पहले ‘सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौती’ के रूप में बताया गया है।

रूस-यूक्रेन युद्ध का भी पड़ा प्रभाव

इसमें कहा गया है कि जापान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए जापान लगातार प्रयास कर रहा है। जापान के रक्षा निर्माण को लंबे समय से देश और क्षेत्र में एक संवेदनशील मुद्दा माना जाता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव, रूस के यूक्रेन पर आक्रमण और ताइवान के डर से जापान को अपनी क्षमता बढ़ाये जाने की जरूरत महसूस हुई।

केयो विश्वविद्यालय के एक रक्षा विशेषज्ञ केन जिंबो ने कहा, ‘ताइवान आपातकाल और जापान आपातकाल अभिन्न हैं।’ रणनीतिक दस्तावेज में कहा गया है कि मिसाइलों का तेजी से विकास इस क्षेत्र में ‘वास्तविक खतरा’ बन गया है।

इस साल उत्तर कोरिया ने दागीं 30 से अधिक मिसाइलें

उत्तर कोरिया ने इस साल 30 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें एक मिसाइल जापानी क्षेत्र के ऊपर से गुजरी थी। चीन ने ओकिनावा सहित जापानी दक्षिणी द्वीपों के निकट पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। रणनीति से जुड़े नये दस्तावेज में कहा गया है कि जापान को जवाबी हमला करने और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलों की आवश्यकता है।

जापानी रक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे अभी भी टॉमहॉक मिसाइल खरीद को लेकर बातचीत कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले महीने जापान और अमेरिका ने सहयोगियों की तैयारियों को बढ़ाने के लिए दक्षिणी जापान में एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था।

Advertisement
First Published - December 16, 2022 | 5:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement